अब एक क्लिक में अस्पताल, दवा दुकान व लैब की जानकारी होगी उपलब्ध

आभा कार्ड से ग्रामीणों को भी घर बैठे-बैठे मिलेगी सटीक स्वास्थ्य की जानकारी

फोटो 3 सदर अस्पताल भभुआ = केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ेंगे जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थान = मेडिकल स्टोर, फार्मासिस्ट, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक की जानकारी मिलेगी अब ऑनलाइन = आभा कार्ड से ग्रामीणों को भी घर बैठे-बैठे मिलेगी सटीक स्वास्थ्य की जानकारी प्रभात खबर खास भभुआ सदर. जिले के लोगों को बेहतर और आसान स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बड़ी पहल कर रही है. इसके तहत जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जायेगा. इस योजना के लागू होने के बाद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और इससे इलाज के लिए सही स्थान ढूंढ़ना पहले की तुलना में काफी आसान हो जायेगा. दरअसल, आभा के माध्यम से बनने वाले डिजिटल कार्ड से मरीज को हायर सेंटर इलाज कराने के लिए डॉक्टर की पर्ची या हेल्थ रिपोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मरीज का सारा डाटा इस हेल्थ आइडी कार्ड में स्टोर होगा, इसमें उसके इलाज, डिस्चार्ज, ब्लड ग्रुप, रिपोट्स, डाॅक्टर प्रिस्क्रिप्शन व दवाइयों से संबंधित सारी जानकारी होगी और हेल्थ आइडी के माध्यम से संबंधित डॉक्टर मरीज का सारा डाटा देख पायेंगे. इससे मरीज के इलाज में कोई परेशानी नही होगी. इसमें हेल्थ रिकार्ड संधारित रहेगा. व्यक्ति के पूर्व में इलाज की पद्धति, ब्लड ग्रुप, बीमारी के प्रकार किस प्रकार की दवा चली हुई है, सभी इसमें रहेंगे और इसमें एक क्यू आर कोड होगा, जिसे किसी भी डॉक्टर के यहां दिखाने और स्कैन करने पर सारा रिकॉर्ड दिखेगा. इस कार्ड में सभी रिकॉर्ड डिजिटल फार्म में उपलब्ध होगा और जिसका एक आइडी और पासवर्ड व्यक्ति के पास होगा. 14 अंकों का होगा डिजिटल हेल्थ कार्ड स्वास्थ्य विभाग के एमएनइ मधुसूदन ने बताया कि जनवरी महीने से बनने वाले डिजिटल हेल्थ कार्ड 14 अंकों का होगा और इस कार्ड पर एक यूनिक क्यू आर कोड होगी. योजना के तहत लाभार्थियों के अलावा चिकित्सक, सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल, क्लीनिक, डिस्पेंसरी आदि सबको एक केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जायेगा. इसी हेल्थ आईडी कार्ड के माध्यम से वह सिस्टम में लॉग इन कर सकेंगे, लेकिन इसमें बिना यूजर की जानकारी के डिटेल्स नहीं देखा जा सकता. इसे देखने के लिए पासवर्ड और ओटीपी भी होनी चाहिए. इसके साथ आप अपने सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से लिंक कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि आभा हेल्थ आइडी कार्ड तीन चरणों में बनाया जा रहा है. पहले चरण में 10 अंकों का फोन नंबर दर्ज करना होता है. इसके बाद ओटीपी के साथ प्रमाणित सत्यापित करना है. जबकि, दूसरे चरण में अपना नाम जन्मतिथि दर्ज करने और तीसरे चरण में राज्य और जिला चयनित कर आइडी बनाया जा सकता हैं. =आभा पोर्टल से जल्द ही दवा दुकानें भी होंगी लिंक नयी व्यवस्था लागू होने के बाद लोग मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से एक क्लिक में अपने आसपास की दवा दुकानों की लोकेशन और वहां उपलब्ध फार्मासिस्ट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा मेडिकल पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. इससे लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जल्द ही निजी दवा दुकानों को भी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पोर्टल से जोड़ा जायेगा. इसके साथ ही डिस्पेंसरी, क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम, फिजियोथेरेपी सेंटर और ब्लड बैंक को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जायेगा. इस कार्य की जिम्मेदारी जिला ड्रग्स विभाग और आयुष्मान भारत विभाग को दी गयी है. इस योजना के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है. प्रत्येक संस्थान को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के माध्यम से डिजिटल पहचान दी जायेगी. इसके लिए संचालक का आधार कार्ड, आधार लिंक मोबाइल नंबर, इमेल आइडी, दवा दुकान के लिए ड्रग्स लाइसेंस, जियो टैग फोटो व संस्थान का प्रमाण पत्र होना आवश्यक है. = क्यूआर कोड से भी मिलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था की सुविधा आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक मनीष देव ने बताया कि इस योजना के तहत जिले भर में अबतक नौ लाख से अधिक जरूरतमंद लोगों के आभा कार्ड बन चुके है. आभा आइडी कार्ड भारतीय नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भारत सरकार की एक पहल है. यह स्वास्थ्य संबंधी सारी जानकारी को एक ही जगह पर एकत्रित करता है. आभा एड्रेस के साथ हेल्थ आइडी कार्ड या आभा नंबर बनाने से सभी को डॉक्टरों व अन्य हेल्थ सर्विस प्रोवाइडरों से डिजिटल रूप से मेडिकल रिपोर्ट प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

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By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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