17 हजार रुपये के लालच में दो दोस्तों ने ही कर दी थी मोहित मल्लाह की हत्या

पिछले वर्ष 21 नवंबर को भभुआ शहर के वार्ड 15 दक्षिण मुहल्ला निवासी मोहित मल्लाह की हत्या महज 17 हजार रुपये के लालच में उसके साथ रहे दो दोस्तों ने ही कर दी थी.

हत्या के बाद नदी में फेंका गया था शव, पुलिस ने किया पूरे मामले का खुलासा = 21 नवंबर को सुवरन नदी से बरामद हुआ था मोहित मल्लाह का शव फरार आरोपित गिरफ्तार, एक आरोपित को पुलिस पहले ही भेज चुकी है जेल भभुआ सदर. पिछले वर्ष 21 नवंबर को भभुआ शहर के वार्ड 15 दक्षिण मुहल्ला निवासी मोहित मल्लाह की हत्या महज 17 हजार रुपये के लालच में उसके साथ रहे दो दोस्तों ने ही कर दी थी. इस सनसनीखेज घटना का भभुआ पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या के बाद से फरार चल रहे एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है. धराया आरोपित उसी मुहल्ले का रहनेवाला पारस बिंद बताया जाता है. इस हत्या मामले में पुलिस पूर्व में ही एक आरोपित रामबचन मल्लाह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. शुक्रवार को इस मामले में प्रेसवार्ता कर भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने बताया कि 2025 के 21 नवंबर को शहर के पश्चिम सुवरन नदी से वार्ड 15 निवासी स्व रामजी मल्लाह के बेटे मोहित मल्लाह का शव बरामद हुआ था. इस मामले में मृतक के बेटे लालबाबू मल्लाह ने मुहल्ले के ही रहनेवाले रामबचन मल्लाह और पारस बिंद पर पिता की हत्या करने का आरोप लगाते हुए भभुआ थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. उसने बताया कि 20 नवंबर को उसके पिता मोहित मल्लाह अपने साथी रामबचन मल्लाह और पारस विंद के साथ मछली मारने घर से निकले थे. उस दौरान उनके पास करीब 17 हजार रुपये भी थे. देर शाम जब रामबचन लौटे, तो उन्होंने बताया कि तुम्हारे पिता वार्ड 14 में घूम रहे हैं. रात भर घर नहीं लौटने पर परिजनों को संदेह हुआ. पुनः 21 नवंबर को सुबह में रामबचन मल्लाह उसके पिता का चप्पल और मछली मारने वाला जाल लेकर पहुंचे, जिससे शक और गहरा गया. उसने जब उनसे पिता के बारे में पूछा तो उसने अनभिज्ञता जतायी, इसके बाद रामवचन मल्लाह के बताये दिशा में खोजबीन की गयी, तो डीएम आवास के पश्चिमी ओर सुवरन नदी में जाल डालकर तलाश करने पर वहीं से उसके पिता का शव बरामद हुआ था. एसडीपीओ ने बताया कि भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने मृतक के बेटे के दिये आवेदन पर एफआइआर दर्ज करते हुए अनुसंधान शुरू की और एक आरोपित रामवचन मल्लाह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. लेकिन, पारस बिंद पुलिस को चकमा देते हुए फरार चल रहा था. उसे गुप्त सूचना पर सीवों मौजा से पकड़ा गया. पकड़े गये अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि घटना के वक्त मृतक के पास 17 हजार से अधिक रुपये थे, जिसे देख उनलोगों के मन में लालच समा गया और उनलोगों ने पैसे हड़पने के लिए मोहित की हत्या कर उसके शव को नदी में फेंक दिया था और घर लौट आये थे. = आरोप पत्र समर्पित कर सजा दिलाने की तैयारी एसडीपीओ ने बताया कि इस हत्या मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अनुसंधान पूरा किया जा चुका है. दोनों आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये गये है, जिसके आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित कर दोनों को सजा दिलाने का प्रयास किया जायेगा.

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By VIKASH KUMAR

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