Kaimur Illegal Medicine Sale : कैमूर जिले के मोहनिया शहर में नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर मेडिकल दुकानदारों ने एक अहम पहल की है. रविवार को भभुआ रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में रिटेलर और होलसेल मेडिकल दुकानदारों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि अब बिना डॉक्टर के वैध परामर्श के किसी भी प्रतिबंधित या नशीली दवा की बिक्री नहीं की जाएगी. इस निर्णय को क्षेत्र में बढ़ते नशे के खतरे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
बैठक में मौजूद दुकानदारों ने साफ कहा कि पिछले कुछ समय से मोहनिया इलाके में नशीले इंजेक्शन और अन्य प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं. हाल ही में पुलिस द्वारा नशीले इंजेक्शन के साथ कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया. ऐसे में यह सवाल उठने लगा था कि आखिर ये दवाएं बाजार से लोगों तक कैसे पहुंच रही हैं.
Kaimur News : बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर सख्ती का निर्णय
बैठक में तय किया गया कि अब कोई भी मेडिकल दुकानदार बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नशीली या प्रतिबंधित दवाएं नहीं बेचेगा. अगर कोई दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ दवा दुकान संघ द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी. दुकानदारों ने यह भी कहा कि सभी सदस्य इस फैसले का सख्ती से पालन करेंगे.
इस निर्णय के जरिए मेडिकल दुकानदारों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझते हैं. उनका मानना है कि दवाओं का गलत इस्तेमाल युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है.
Nashili Dawa Ban : जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि न सिर्फ दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण रखा जाएगा, बल्कि लोगों को जागरूक भी किया जाएगा. खासकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि वे इस बुराई से दूर रह सकें.
मेडिकल दुकानदारों ने अपने-अपने विचार रखते हुए इस बात पर सहमति जताई कि यदि समाज को नशामुक्त बनाना है, तो हर स्तर पर प्रयास जरूरी है. इसमें प्रशासन, समाज और दुकानदारों की साझा भूमिका अहम होगी.
मेडिकल एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष घनश्याम सिंह समेत अन्य लोगों हुए शामिल
बैठक में मेडिकल एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष घनश्याम सिंह, सचिव पारस नाथ सिंह, उपाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार केशरी, उपसचिव मुकेश कुमार, जिला सचिव छोटे लाल तिवारी, संगठन सचिव लक्ष्मण प्रसाद केशरी, राजेश केशरी, राधेश्याम केशरी, अनिल सिंह समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
मोहनिया में मेडिकल दुकानदारों का यह सामूहिक निर्णय नशे के खिलाफ एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है. अगर इस फैसले का सख्ती से पालन होता है, तो निश्चित तौर पर क्षेत्र में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी. अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस निर्णय को जमीन पर कितनी मजबूती से लागू किया जाता है और प्रशासन इसके साथ किस तरह सहयोग करता है.
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