गैस के अभाव में जीएनएम कॉलेज में भोजन प्रभावित, पांच छात्राएं हुई बीमार

# गैस के अभाव में छात्राओं को दिया जा रहा सिर्फ पूड़ी-सब्जी और चावल

# गैस के अभाव में छात्राओं को दिया जा रहा सिर्फ पूड़ी-सब्जी और चावल रोटी नहीं मिलने से छात्राएं परेशान, मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा गैस अभाव में कोयले पर बन रहा खाना, प्रशासन पर उठे सवाल मोहनिया शहर. स्थानीय प्रखंड के कटराकला गांव के समीप स्थित जीएनएम कॉलेज में गैस के अभाव में छात्राओं का भोजन प्रभावित हो रहा है. छात्राओं का आरोप है कि रोटी नहीं मिल रहा है, केवल पूड़ी सब्जी व चावल ही दिया जा रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है. इधर, जीएनएम कॉलेज में उचित भोजन नहीं मिलने के कारण पांच छात्राओं की तबीयत बुधवार की देर शाम खराब हो गयी, जिन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद स्कूल भेज दिया गया. बीमार छात्राओं में सोनम कुमारी, जागृति कुमारी, स्वाति कुमारी, अमृता कुमारी व मोना कुमारी शामिल बतायी जाती हैं. मालूम हो कि मोहनिया प्रखंड के कटराकला गांव के पास सरकार द्वारा जीएनएम कॉलेज खोला गया है, जहां हॉस्टल में रहकर छात्राएं पढ़ाई करती हैं. इन्हें भोजन कैंटीन में मिलता है. लेकिन पिछले कई दिनों से गैस के अभाव में कोयले पर खाना बन रहा है, जिसके कारण रोटी नहीं बन रहा है. जबकि, मेनू के अनुसार भी भोजन नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में कई छात्राएं बाहर से नाश्ता व भोजन मंगाने को विवश हैं. स्कूल में गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित होने से छात्राओं को नियमित रूप से संतुलित भोजन नहीं मिल पा रहा है. कई बार सिर्फ पूरी-सब्जी पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है, जो गर्मी के मौसम को देखते हुए भी उपयुक्त नहीं है. ऐसे में एक साथ पांच छात्राओं की तबीयत खराब होना गंभीर विषय है, जिसे लेकर संबंधित अधिकारियों व कॉलेज प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इधर, बीमार हुई सभी छात्राओं को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस स्कूल भेज दिया गया. इस संबंध में जीएनएम कॉलेज की प्राचार्य वर्षा कुमारी के मोबाइल पर दो बार फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं किया गया. जबकि उनके पति के मोबाइल पर फोन करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि गैस की कमी के कारण कोयले पर खाना बन रहा है, जिससे भोजन प्रभावित हुआ है. रोटी नहीं बन पा रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ छात्राएं चुपके से बाहर से नाश्ता व भोजन मंगा ले रही हैं. साथ ही मौसम बदलाव के कारण कुछ बच्चियों की तबीयत खराब हुई थी, लेकिन फिलहाल सभी ठीक हैं. तीन अप्रैल से गैस की व्यवस्था हो जायेगी, जिसके बाद भोजन मेनू के अनुसार ही मिलेगा.

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Author: VIKASH KUMAR

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