कैमूर में बच्चों ने गतिविधि आधारित तरीके से सीखी फसलों और खान-पान की जानकारी, तैयार किया लिट्टी-चोखा

Kaimur News : भभुआ के न्यू प्राथमिक विद्यालय हरनाटांड़ में बच्चों ने गतिविधि के जरिए लिट्टी-चोखा बनाना सीखा और पौष्टिक भोजन के महत्व को समझा.

Kaimur News : सदर प्रखंड स्थित न्यू प्राथमिक विद्यालय हरनाटांड़ में वर्ग पांच के विद्यार्थियों को पर्यावरण विषय के पाठ ‘हमारी फसलें : हमारा खान-पान’ की जानकारी गतिविधि आधारित तरीके से दी गयी. इस दौरान बच्चों ने बिहार के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा स्वयं तैयार कर ‘करके सीखो’ का अनुभव प्राप्त किया. गतिविधि का आयोजन प्रधान शिक्षक धीरज कुमार और रसोइया सिमला कुंवर के मार्गदर्शन में किया गया.

बच्चों ने खुद तैयार किया लिट्टी का भरावन

गतिविधि के दौरान बच्चों ने आटा सानने के साथ लिट्टी के लिए भरावन तैयार किया. रसोइया ने उपला यानी गोइठा सुलगाकर पारंपरिक तरीके से लिट्टी सेंकने के लिए अंगारों की व्यवस्था की. प्रधान शिक्षक की देखरेख में बच्चों ने लिट्टी सेंकने की प्रक्रिया को समझा और इसमें सहभागिता की. इसके साथ ही आलू, बैंगन और टमाटर से चोखा तैयार करने में भी बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

अलग-अलग राज्यों के खान-पान पर हुई चर्चा

गतिविधि के दौरान बच्चों से विभिन्न राज्यों के खान-पान और स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को लेकर चर्चा की गयी. उन्हें स्वाद के साथ पौष्टिक और संतुलित भोजन के महत्व की जानकारी दी गयी. इस दौरान बच्चों को भोजन में स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया.

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फास्ट फूड से बचने की दी गयी सलाह

बच्चों को पिज्जा, बर्गर, पास्ता और मोमो जैसे फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से बचने के लिए प्रेरित किया गया. उन्हें घर के बने दाल, चावल, सब्जी, फल और दूध जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गयी. अभिलाषा, शिवानी, श्रेया, प्रेमशिला, काजल, मनीषा, नैना, रोहित, मंजीत और पवन सहित अन्य विद्यार्थियों ने गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया.

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गतिविधियों से बच्चों को मिलती है व्यावहारिक जानकारी

प्रधान शिक्षक धीरज कुमार ने कहा कि ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्थानीय संस्कृति, पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली की व्यावहारिक जानकारी मिलती है. साथ ही, गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चे पाठ्यक्रम में शामिल विषयों को आसानी से समझ पाते हैं और उन्हें लंबे समय तक याद भी रखते हैं.

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By विकास कुमार

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