स्टूडेंट्स ने प्रिंसिपल से सीधे जुड़कर रखीं अपनी विषयवार समस्याएं

सीबीएसइ कॉम्पिटेटिव विद्यालय में हुआ ''उम्मीदों की उड़ान में रुकावटें'' कार्यक्रम

भभुआ नगर. शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर सीबीएसइ कॉम्पिटेटिव विद्यालय, मोहनिया की ओर से रविवार को अनोखी पहल शुरू करते हुए ””उम्मीदों की उड़ान में रुकावटें”” कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान छात्र-छात्राएं सीधे विषय वस्तु के साथ प्रिंसिपल से जुड़े व अपनी बातों को पटल पर रखा. इस कार्यक्रम का लाइव टेलिकास्ट भी किया गया़ छात्र-छात्राएं अभिभावकों के साथ घर बैठे भी देख रहे थे. इस कार्यक्रम में कक्षा 10वीं, 11वीं व 12वीं के छात्र-छात्राएं शामिल हुए. विद्यालय की निदेशिका शाहिदा बेगम ने बताया कि विद्यालय में इस तरह का कार्यक्रम करने का मुख्य उद्देश्य है कि छात्रों के समक्ष पढ़ाई में आ रही चुनौतियों को सामने लाना़ अपनी कमजोरियों को पहचानना व उनके समाधान के लिए विद्यालय प्रबंधन को सुझाव देना है. उन्होंने कहा कि यह इस तरह का दूसरा कार्यक्रम था, जहां अब यह कार्यक्रम निरंतर विद्यालय में चलता रहेगा़ ताकि छात्र-छात्राएं भी अपने समस्याओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से रख सकें. इधर, कार्यक्रम का संचालन कर रहे स्कूल के प्राचार्य व गणित संकाय प्रमुख एमडी हसीमुद्दीन ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी कमजोरियों को समझना चाहिए, ताकि समय रहते सुधार संभव हो सकें. हमारा स्कूल इसी सोच के साथ छात्रों को मंच देता है, ताकि वे आत्म-विश्लेषण करें और आगे बढ़ें.

इन छात्र-छात्राओं ने रखीं अपनी-अपनी समस्याएं

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 11वीं के छात्र अनमोल आनंद व ओमजी सिंह, कक्षा 12वीं के अनुज कुमार व शाहिद जमाल के अलावा कक्षा 10वीं के अवनीश कुमार व वैष्णवी ने खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव को साझा किया. छात्रों ने कठिन विषयों में मार्गदर्शन, समय प्रबंधन की चुनौतियां, डाउट क्लासेज की संख्या बढ़ाने जैसे कई अन्य सुझाव दिये, जो सभी विद्यार्थियों के हित में थे. गौरतलब है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्रों के हित में देखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.

= बच्चों ने खुद अपने सुधरने का दिया सुझाव

गौरतलब है कि सीबीएसई कॉम्पिटेटिव विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि छात्रों को यदि अपनी बात कहने का अवसर मिले, तो वे न केवल अपनी कमजोरियों को पहचानते हैं, बल्कि उन्हें सुधारने के उपाय भी खुद सुझा सकते हैं. इस कार्यक्रम में भी छात्रों ने खुद ही कहा कि छात्रों को किस प्रकार से सुधारा जा सकता है. इधर, विद्यालय के शिक्षक अरविंद, अर्जुन, आफताब, सत्येंद्र, सहित कई शिक्षक शिक्षिकाओं ने भी अपनी बातों को छात्र-छात्राओं के साथ साझा किया.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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