कैमूर (रामगढ़ )से संजय जायसवाल की रिपोर्ट
Kaimur Pickup-Tractor collisio Accident : कैमूर जिले के रामगढ़ में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हुआ. सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है. यह हादसा रामगढ़ पेट्रोल पंप के पास बिस्कोमान भवन के निकट हुआ. दुर्घटना दूध के खाली केन लदे एक पिकअप और ईंट लदे ट्रैक्टर के बीच हुई. टक्क इतना भीषण था कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए. वहीं घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
मृतक की पहचान खोरहरा गांव निवासी कमलेश राम, पिता बकातु राम के रूप में हुई है. वहीं पिकअप पर सवार दूसरा युवक रिशु कुमार, पिता विनोद राम गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है.
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, कमलेश राम शनिवार रात विभिन्न गांवों से दूध संग्रह कर मोहनिया डेयरी में उतारने के बाद अपने घर रामगढ़ लौट रहे थे. इसी दौरान दूसरी तरफ से एक ट्रैक्टर ट्रॉली ईंट लादकर रामगढ़ से मोहनिया की ओर जा रही थी. जैसे ही दोनों वाहन बिस्कोमान भवन के पास पहुंचे, तेज रफ्तार के कारण आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप और ट्रैक्टर दोनों के परखच्चे उड़ गए. आसपास के लोगों ने बताया कि आवाज इतनी तेज थी कि लोग घरों से बाहर निकल आए.
घायल को पहुंचाया गया अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को रामगढ़ रेफरल अस्पताल ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया. जानकारी के अनुसार, वाराणसी ले जाने के दौरान रास्ते में ही कमलेश राम ने दम तोड़ दिया. वहीं रिशु कुमार की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है.
ट्रैक्टर चालक मौके से फरार
हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ट्रैक्टर चालक की पहचान हो जाए तो कार्रवाई संभव हो सकती है.
रफ्तार बनी हादसों की बड़ी वजह
इलाके के लोगों का कहना है कि मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बालू लदे डंपर, ईंट लदे ट्रैक्टर और लापरवाही से चलने वाले बाइक सवार आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से रफ्तार पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. नतीजा यह है कि हादसे होते हैं, लोग अपनी जान गंवाते हैं और फिर मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाता है.
ग्रामीणों की मांग और प्रशासन पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं. स्पीड कंट्रोल, नियमित जांच और भारी वाहनों पर निगरानी जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.
रामगढ़ का यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर सड़क सुरक्षा को लेकर कब तक लापरवाही जारी रहेगी. एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया और दूसरा युवक जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी बाकी हादसों की तरह समय के साथ भुला दिया जाएगा.
