रामगढ़ में जर्जर हुआ सूर्य सरोवर घाट, मरम्मत नहीं होने से बढ़ा हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने उठाए निर्माणकार्य पर सवाल

Kaimur News: कैमूर में स्थित सूर्य सरोवर घाट तीन साल में ही जर्जर हो गया है. निर्माण के एक साल बाद ही सीढ़ियां टूट गईं, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हुई. छठ पूजा से पहले घाट की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है.

Kaimur News:(रंजय जायसवाल) कैमूर के रामगढ़ प्रखंड इलाके स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र सूर्य सरोवर घाट की स्थिति बदहाल हो चुकी है. करीब तीन वर्ष पूर्व दस लाख रुपये की लागत से निर्मित यह घाट निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है. इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे के सांसद निधि से इस घाट का निर्माण कराया गया था. निर्माण के एक वर्ष बाद ही घाट की निचली सतह और सीढ़ियां टूटकर धराशायी हो गईं. वर्तमान में घाट की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां स्नान करना खतरे से खाली नहीं है.

छठ पूजा में बढ़ जाता है खतरा

सूर्य सरोवर घाट पर हर वर्ष छठ पर्व के दौरान सैकड़ों महिला श्रद्धालु पूजा-अर्चना करती हैं. लेकिन घाट के टूटे होने के कारण पूजा के दौरान कई महिलाएं फिसलकर घायल हो जाती हैं. वहीं बरसात के दिनों में पानी भर जाने पर आम लोगों के लिए भी स्नान करना जोखिम भरा हो जाता है.

निर्माण में अनियमितता का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि घाट निर्माण के दौरान भारी अनियमितता बरती गई. निर्माण कार्य के समय ही कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन विभाग ने जल्दबाजी में कार्य पूरा करा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं.

तकनीकी खामी से ढहा घाट

ग्रामीणों के अनुसार घाट निर्माण में आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया. विशेष रूप से नीचे बीम सपोर्ट नहीं दिए जाने के कारण हल्के पानी के दबाव में ही घाट की सीढ़ियां टूट गईं.

जांच और कार्रवाई की मांग

गोडसरा गांव के समाजसेवी राधेश्याम यादव और पंकज सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि टूटे हुए घाट की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा घाट की मरम्मत या पुनर्निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए.

आस्था के केंद्र की अनदेखी पर नाराजगी

ग्रामीणों ने कहा कि सूर्य सरोवर सिर्फ एक जलाशय नहीं, बल्कि आस्था का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में इसकी अनदेखी से लोगों में नाराजगी है. उन्होंने प्रशासन से जल्द पहल कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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Published by: Ragini Sharma

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