kaimur News: (संजय जायसवाल) बिहार सरकार द्वारा इन दिनों राज्यभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सड़क किनारे अवैध कब्जों को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर लगातार सख्ती और चेतावनी के बावजूद कई स्थानों पर इसका अपेक्षित असर देखने को नहीं मिल रहा है. ऐसा ही एक मामला कैमूर जिले के रामगढ़ से सामने आया है, जहां अभियान के अगले ही दिन हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौटते नजर आए.
बुधवार को बाजार क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी द्वारा सख्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद दुर्गा चौक पर बसों और छोटे सवारी वाहनों का अवैध ठहराव गुरुवार देर शाम तक जारी रहा. चालक खुलेआम चौक पर वाहन खड़ा कर सवारियां बैठाते रहे और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी करते नजर आए.
चेतावनी के बावजूद नहीं दिखा असर
एसडीएम ने चौक पर बसों के ठहराव पर पूर्ण रोक लगाने और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था का निर्देश दिया था. इसके बावजूद चालकों और एजेंटों में किसी प्रकार का भय नहीं दिखा. हालांकि अभियान के अगले दिन सड़क किनारे लगी सब्जी और फल की दुकानें हटा दी गईं. वहीं कुछ नालों के किनारे सिमट गईं, जिससे सड़कें कुछ हद तक खाली दिखीं, लेकिन सवारी वाहनों की स्थिति जस की तस बनी रही.
कार्रवाई के दावे, धरातल पर सुस्ती
अभियान के दौरान दो चालकों और एजेंटों को हिरासत में लिया गया था. एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि चौक पर बस खड़ी करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. इसके बावजूद गुरुवार शाम तक किसी भी चालक या एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं.
40 लाख का बस स्टैंड बना शोपीस
बाजार को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से बक्सर सांसद सुधाकर सिंह की पहल पर जुलाई 2024 में बिस्कोमान भवन के पास लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था. इसका मकसद था कि चौक पर लगने वाली बसें वहां शिफ्ट हों, लेकिन निर्माण के लगभग दो वर्ष बाद भी बस स्टैंड वीरान पड़ा है. आज भी अधिकांश बसें दुर्गा चौक के आसपास ही खड़ी कर सवारियां भरी जा रही हैं, जिससे जाम की समस्या बनी रहती है.
82 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बेअसर
नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 74 लाख रुपये की लागत से 82 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों के जरिए मुख्य सड़क, लिंक रोड और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की निगरानी की जाती है. इनका सीधा प्रसारण नगर पंचायत कार्यालय और थाने में लगे एलसीडी स्क्रीन पर देखा जाता है. इसके बावजूद दुर्गा चौक पर अवैध बस ठहराव को रोकने में यह व्यवस्था भी नाकाम साबित हो रही है.
लोगों में उठ रहे सवाल
नगर पंचायत द्वारा कई बार लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी गई और जुर्माना व प्राथमिकी की जानकारी भी दी गई. बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. ऐसे में आमजन के बीच यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासनिक आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा है. अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि एसडीएम के निर्देशों पर ठोस कार्रवाई होती है या यह मामला भी कागजों तक सीमित रह जाएगा.
