kaimur News:(सतेन्द्र प्रताप सिंह) भभुआ प्रखंड अंतर्गत पियां गांव में सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र लघु सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण प्रभावित हो गया है. तालाब खुदाई से निकाली गई मिट्टी को केंद्र के चारों ओर अनियमित तरीके से भर दिए जाने से इसकी संरचना पर खतरा उत्पन्न हो गया है.
अनियमित मिट्टी भराई से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों ने बिना किसी तकनीकी जांच के उप स्वास्थ्य केंद्र के चारों तरफ करीब तीन फीट तक मिट्टी भरवा दी है. इससे केंद्र की मूल संरचना प्रभावित हो गई है और परिसर का जल निकासी मार्ग बाधित हो गया है.
बरसात में जलभराव का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होने पर उप स्वास्थ्य केंद्र के कमरों में एक से दो फीट तक पानी भर सकता है. इससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी और मरीजों को इलाज के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर भभुआ जाना पड़ेगा.
18 गांवों के मरीज होते हैं प्रभावित
महुअत पंचायत के करीब 18 गांवों के लोग इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं. यहां प्रतिदिन दर्जनों मरीज इलाज कराते हैं और सैकड़ों लोग जांच व दवा लेने आते हैं। ऐसे में केंद्र की स्थिति बिगड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
भवन पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बरसात के दौरान दीवारें पानी में डूबी रहने से भवन जर्जर होकर गिर भी सकता है। इससे लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान होने की संभावना है.
जांच व कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तालाब खुदाई से निकली मिट्टी का कुछ हिस्सा बेचा गया और बची हुई मिट्टी को अनियमित तरीके से स्वास्थ्य केंद्र परिसर में डाल दिया गया. लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
अधिकारी का बयान
इस संबंध में उप विकास आयुक्त दिव्या शक्ति ने कहा कि मामले की फोटो उपलब्ध कराई जाए, ताकि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
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