Kaimur News: कैमूर जिले के गठन के 35 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यहां अब तक 'प्रधान डाकघर' (Head Post Office) की स्थापना नहीं हो सकी है. इस गंभीर जनसमस्या को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रधान महासचिव भोलानाथ सिंह यादव ने केंद्र सरकार और डाक विभाग पर सवाल उठाते हुए भभुआ में अविलंब प्रधान डाकघर की स्थापना की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में प्रधान डाकघर न होने के कारण कैमूर जिले के निवासियों को पासपोर्ट, डाक सेवाओं व अन्य महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों के लिए आज भी पड़ोसी जिले सासाराम (रोहतास) के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है.
'बक्सर में प्रधान डाकघर है, तो कैमूर के साथ उपेक्षा क्यों?'
राजद नेता भोलानाथ सिंह यादव ने अपने पत्र में कहा जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज से कैमूर जिला बक्सर से कम नहीं है. बक्सर में प्रधान डाकघर की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कैमूर को वर्षों से इस मूलभूत सुविधा से वंचित रखा गया है. जिले के किसी भी प्रखंड अथवा डाकघर का अपना स्थायी भवन तक नहीं है. अधिकांश डाकघर बेहद सीमित संसाधनों और किराये के जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं.
कर्मचारियों की भारी कमी, भभुआ जैसे बड़े शहर में सिर्फ 3 पोस्टमैन
उन्होंने भभुआ मुख्य डाकघर में कर्मचारियों की भारी किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, बचत खाते में पैसे जमा करने व निकालने जैसी सामान्य सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है. भभुआ जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर में डाक वितरण के लिए मात्र 3 पोस्टमैन कार्यरत हैं, जिसके कारण महत्वपूर्ण सरकारी पत्र, प्रवेश पत्र और दस्तावेज समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पाते हैं. राजद नेता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कैमूर में शीघ्र प्रधान डाकघर स्वीकृत किया जाए, सभी डाकघरों के लिए स्थायी भवन का निर्माण हो और भभुआ में पर्याप्त संख्या में डाककर्मियों व पोस्टमैनों की नियुक्ति की जाए ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
