Kaimur News : अधौरा पर्यटन स्थल तेल्हाड़ कुंड में पार्किंग से बाइक गायब

लापरवाही. वन विभाग की लापरवाही से पर्यटकों में रोष, पार्किंग टिकट और गाड़ी की चाबी हाथ में, बाइक हो गयी गायब

भभुआ शहर. जिले के अधौरा प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध जलप्रपात व पर्यटक स्थल तेल्हाड कुंड एक बार फिर से चर्चा में है. लेकिन, इस बार वजह इसकी सुंदरता नहीं, बल्कि वन विभाग की लापरवाही है. बुधवार को एक पर्यटक की बाइक पार्किंग से गायब हो गयी. पर्यटक ने नियमानुसार, पार्किंग का टिकट कटाया था. लेकिन, वापसी के समय पार्किंग का टिकट व चाबी लेकर जब वह पार्किंग स्थल से अपनी बाइक लेने के लिए गया, तो उसकी बाइक वहां से गायब थी. इस घटना के बाद पर्यटन स्थल पर काफी देर तक अफरातफरी की स्थित हो गयी.

पीड़ित पर्यटक राहुल कुमार ने बताया कि वह तेल्हाड कुंड घूमने के लिए अपने दोस्त की बाइक लेकर आया था. हम सभी परिवार के साथ बुधवार को तेल्हाड़ कुंड घूमने के लिए गये. हम सभी दोपहर 2:30 बजे पर्यटक स्थल पहुंचे और पार्किंग चार्ज का टिकट कटा बाइक को पार्किंग स्थल पर लगा दिया. जब हम सभी घूम कर एक घंटे बाद बाइक लेने के लिए पार्किंग स्थल पर पहुंचे, तो वहां से बाइक गायब थी. इससे बाइक की चाबी और पार्किंग का टिकट मेरे हाथ में ही धरी रह गयी और बाइक गायब हो गयी. जब हमने इसकी शिकायत विभाग कर्मियों से की, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हम खोजने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि घंटों बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लग पाया, इसको लेकर पीड़ित पर्यटक के द्वारा अधौरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है.

इधर, घटना से आक्रोशित पर्यटक ने कहा कि पर्यटक स्थल को और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार तरह तरह की योजनाएं ला रही हैं. लेकिन, वनकर्मियों की सुस्ती के कारण पर्यटक और वाहन जब सुरक्षित नहीं हैं. पार्किंग टिकट कटाने के बावजूद गाड़ी सुरक्षित नहीं रह सकती तो पार्किंग शुल्क लेने का क्या औचित्य है. वहीं, इस लापरवाही से वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर बड़े सवाल उठने लगे हैं. वहां मौजूद अन्य पर्यटकों ने भी कहा कि पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किये गये हैं. इससे इस तरह की घटना हुई है.

= वन विभाग की लचर व्यवस्था की खुली पोल

यह घटना न सिर्फ संबंधित पर्यटक के लिए दुखद है, बल्कि यह प्रशासन और वन विभाग की लचर व्यवस्था की पोल भी खोलती है. पर्यटन स्थल पर हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. इनसे पार्किंग शुल्क भी वसूला जाता है. लेकिन, सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर वहां कुछ भी इंतजाम नहीं किया गया है. पार्किंग स्थल पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी तैनात था.

= टिकट लेकर भी नहीं मिली सुरक्षा

पीड़ित पर्यटक का कहना है कि उसने वाहन प्रवेश के समय वन विभाग द्वारा अधिकृत कर्मचारी से पार्किंग टिकट लिया था और बाइक को उसी निर्धारित स्थान पर खड़ा की थी. टिकट में स्पष्ट रूप से दिनांक, समय और वाहन संख्या अंकित है. लेकिन, जब वह वापस आया, तो बाइक गायब थी. टिकट हाथ में ही रह गया और बाइक चली गयी. यह समझ से परे है कि जब वन विभाग शुल्क ले रहा है, तो सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं है. सवाल उठता है कि जब सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, तो शुल्क किस बात का यह केवल आय वसूली बन कर रह गया है, जिसमें सुविधा शून्य है.

इस घटना के बाद अन्य पर्यटकों में भी आक्रोश है. कई पर्यटकों ने कहा कि वे परिवार सहित यहां घूमने आते हैं. लेकिन, इस प्रकार की घटना के बाद वे असुरक्षित महसूस करते हैं. एक पर्यटक ने कहा, अगर पार्किंग में भी वाहन सुरक्षित नहीं है, तो फिर जंगल और जलप्रपात के पास कौन सुरक्षित रहेगा.

= कहते हैं अधिकारीकहते हैं अधौरा थाने के इंस्पेक्टर इधर इस संबंध में पूछे जाने पर अधौरा थाना के इंस्पेक्टर निर्मल कुमार ने बताया कि हमें अभी कोई जानकारी नहीं है. हम पता कर रहे हैं. अगर पार्किंग से बाइक चोरी हुई है, तो यह जांच का विषय है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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