मोहनिया के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अविनाश सिंह ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है. पुलिस द्वारा लावारिस अवस्था में अनुमंडलीय अस्पताल लाये गये एक मानसिक रूप से अस्वस्थ अधेड़ का वे पिछले एक सप्ताह से न केवल इलाज करा रहे हैं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत देखभाल भी स्वयं कर रहे हैं.
एक सप्ताह पहले अस्पताल लाया गया था अधेड़
डॉ अविनाश सिंह ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व पुलिस एक मानसिक रूप से विक्षिप्त अधेड़ को लावारिस हालत में अस्पताल लेकर आयी थी. उसके बाद से अस्पताल में उसका लगातार उपचार चल रहा है. वह स्वयं दिन में तीन बार मरीज के बेड पर जाकर उसकी स्वास्थ्य जांच करते हैं. इतना ही नहीं, मरीज की दैनिक जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. शौच के बाद उसकी सफाई कराना, स्नान कराना और अपने हाथों से भोजन खिलाना जैसी सेवाएं भी डॉ. अविनाश सिंह स्वयं कर रहे हैं.
डॉ अविनाश ने कहा- स्वास्थ्य में हो रहा सुधार
उनकी इस सेवा भावना की अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है. डॉ. अविनाश सिंह ने कहा कि मरीज की स्थिति में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है और अब वह चलने-फिरने लगा है. उन्होंने कहा कि जब तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाता, तब तक उसका इलाज और सेवा इसी तरह जारी रहेगी. डॉ. सिंह की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो बताती है कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम भी है.
