Kaimur News: कैमूर जिले के नगर पंचायत कुदरा में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर प्रशासन और पीडब्ल्यूडी (PWD) के जलनिकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है. बारिश के कारण शहर की सभी सर्विस सड़कें, मुख्य बाजार और गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है. शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र लालापुर की सड़कें बारिश के पानी से झील में तब्दील हो चुकी हैं.
₹1.5 करोड़ का नाला बेकार, लेवलिंग की गड़बड़ी से सड़क बनी तालाब
लालापुर बाजार में जलनिकासी के लिए चार साल पूर्व पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से पक्के नाले का निर्माण कराया गया था. हालांकि, निर्माण के दौरान सड़क और नाले का सही लेवल (संतुलन) नहीं मिलाया गया, जिससे नाला सड़क से ऊंचा और सड़क नीची हो गई. इसके चलते बारिश का पानी नाले में जाने के बजाय पूरी तरह सड़क पर ही जमा रहता है. जलजमाव के कारण सड़क पर आए दिन छोटे-बड़े वाहन फंस जाते हैं, जिससे लालापुर बाजार में घंटों भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है. साथ ही सड़क के गड्ढों के कारण जलजमाव में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.
करोड़ों का राइस मिल कारोबार ठप, व्यवसायियों में भारी आक्रोश
जलजमाव का सबसे बड़ा असर कुदरा के चावल व्यवसाय पर पड़ा है. शहर के प्रतिष्ठित चावल निर्माता सुधांशु पाल, शशिकांत सिंह, डब्ल्यू सिंह एवं महेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश के दिनों में सड़कों पर भारी पानी जमा रहने के कारण राइस मिलों तक बड़े ट्रकों और मालवाहक वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो जाता है. व्यवसायियों के अनुसार, मानसून के 3 से 4 महीनों तक लालापुर का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहता है, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है.
रेलवे स्टेशन जाने वाले एकमात्र अंडरपास में घुटना भर पानी
शहर की सर्विस सड़कों के अलावा रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले एकमात्र रेलवे अंडरपास (अंडर पुलिया) में बारिश का पानी भर गया है. ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों और उतरकर घर लौटने वाले लोगों को घुटना भर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा प्री-मानसून की तैयारी नहीं किए जाने के कारण पूरे बरसात भर लोगों को जलजमाव, सड़क जाम और जर्जर सड़कों की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.
