फोटो 8 ज्यों का त्यों पड़े अतिक्रमण से संकरी हुयी सर्विस सड़क 9, 10 दुर्गावती बाजार के पुलिया व सर्विस सड़क से अतिक्रमण हटने के बाद चौड़ी दिख रही सड़क दुर्गावती बाजार में अतिक्रमण हटा लेने से सड़कें दिख रही स्वच्छ व चौड़ी डहला मोड़ पर अब भी जाम व हादसे की आशंका दुर्गावती. स्थानीय मुख्यालय बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा एक सप्ताह पूर्व नोटिस जारी किया गया था. इसके तहत जगह-जगह 29 जनवरी तक दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटा लेने को लेकर नोटिस चिपकाया गया था. नोटिस जारी होने के बाद से ही कई दुकानदारों ने फुटपाथ पर लगे अपने छज्जे व सामान हटाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को देखा गया कि कई फुटपाथी दुकानदारों ने स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कुछ फुटपाथी दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया था. ऐसे में बाजार पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका है. कई स्थानों पर अब भी ठेले-खोमचे पर दुकानदार सामान बेचते नजर आ रहे हैं, जिससे चारपहिया व ट्रैक्टर जैसे वाहनों को बाजार की सर्विस सड़क पर आमने-सामने गुजरते समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब है कि अंचलाधिकारी द्वारा दुर्गावती मुख्यालय बाजार सहित प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में किये गये अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की पहल की गयी है. एक सप्ताह पूर्व जारी नोटिस में 29 जनवरी तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था. नोटिस में दुकानदारों, व्यापारियों व आम नागरिकों से सार्वजनिक सड़कों, दुर्गावती लिंक रोड व अन्य सरकारी भूमि से अस्थायी अतिक्रमण हटाने को कहा गया था. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित तिथि तक अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 की धारा 3(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की जायेगी. नोटिस का असर अब दिखने लगा है. कई दुकानदार धीरे-धीरे अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहे हैं, जबकि कुछ छोटे दुकानदार अब भी सड़क किनारे दुकान लगाये हैं. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें सरकारी निर्देशों व सड़क सुरक्षा की परवाह नहीं है. सबसे गंभीर समस्या बाजार स्थित डहला मोड़ की है, जहां सड़क पुलिया के दोनों ओर मछली मंडी लगते ही सड़क संकरी हो जाती है. सड़क पर मछलियों का गंदा पानी बहने से वाहनों के गुजरते समय सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है. क्या कहते हैं फुटपाथी दुकानदार इस संबंध में सड़क किनारे गरीब तबके के दुकानदारों का कहना है कि शासन-प्रशासन के निर्देश का पालन करते हुए हमलोगों ने अपनी दुकानें हटा ली हैं. जो लोग नहीं हटाये हैं, उनकी स्थिति अलग है. इसी छोटी सी दुकान से दो जून की रोटी व परिवार का भरण-पोषण होता था. दुकानदारों ने मांग की कि समय रहते शासन-प्रशासन को वैकल्पिक स्थल का चयन करना चाहिए, ताकि छोटे दुकानदार वहां दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन कर सकें. बोले अंचलाधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर अंचल पदाधिकारी सदानंद कुमार ने कहा कि जो लोग स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाये हैं, उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी व अतिक्रमण हटाया जायेगा. दुकानों के लिए चयनित स्थल के संबंध में जिला पर्षद की भूमि सहित अन्य स्थानों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है.
अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद कई फुटपाथी दुकानदार सतर्क, सामान समेटना शुरू
स्थानीय मुख्यालय बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा एक सप्ताह पूर्व नोटिस जारी किया गया था. इ
