Kaimur News : मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए किसानों की महापंचायत

किसानों ने पीएनसी कंपनी स्थल मसोई में की महापंचाय

भभुआ कार्यालय. 25 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का घेराव करने के लिए पटना जाने के लिये सैकड़ों किसानों ने सोमवार को पीएनसी कंपनी स्थल मसोई में महापंचायत आयोजित किया. इस बैठक में सैकड़ों गांवों के किसान शामिल हुए. किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर के जिलाध्यक्ष महासचिव पशुपति नाथ सिंह सचिव अनिल सिंह ने किसानों को प्रेरित करने के लिए लगातार बैठक कर रहे हैं. भारतमाला परियोजना बनारस रांची टू कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए एनएचएआइ के द्वारा अधिकृत पीएनसी कंपनी धरना स्थल मसोई में मुख्यमंत्री का घेराव करने के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए किसानों की महापंचायत आयोजित की गयी. महापंचायत की अध्यक्षता विमलेश पांडेय अध्यक्ष किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं संचालन अभिमन्यु सिंह अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन कैमूर ने किया. महापंचायत में गोई, जिगिना, सहबाजपुर, चांद, कुसहा, खैंटी, सिहोरिया, भेरी, अरैया, वैरी, बघैला, सरैला, मोरवा, मसोई जगरिया, सिहोरा, सिकंदरपुर, दुलहरास बेतरी सीवों, सारणपुर, ढढनिया, दुमदुम, भैरोपुर, कुसडेहरा, ददरा, ढढनिया, पसाई, बसिनी, रामपुर, अकोढी आदि गांवों के टुनटुन सिंह, तिलेश्वर दुबे, मंशा सिंह, मुन्ना बाबा, पतियार राम, संजय बिंद, भुपेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, राहुल पांडेय, सचिदानंद सिंह, अवधेश सिंह, रविशंकर सिंह, ददन सिंह, विकी सिंह, जय नारायण सिंह, संजय जयसवाल, ललन शर्मा उपेंद्र सिंह आदि सहित कई अन्य किसानों ने भाग लिया. महापंचायत में किसानों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घेराव का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया और तय किया गया कि 25 अगस्त को पूरे बिहार से हजारों की संख्या में किसान घेराव में शामिल होंगे. साथ ही महापंचायत में किसानों ने प्रस्ताव पारित कर अधिक से अधिक संख्या में किसानों को भाग लेने की अपील की गयी. महापंचायत को संबोधित करते हुये विमलेश पांडेय ने कहा कि इस बार बिहार सरकार से आर पार की लड़ाई है. उन्होंने ने कहा कैमूर जिले में भारत माला परियोजना शुरू करना है, तो सरकार को किसानों के अधिग्रहण की गयी भूमि का एक जिला एक परियोजना, एक भूमि प्रकृति के लिये एक मुआवजा की शर्त को मांग को मानना पड़ेगा. वहीं, महासचिव पशुपति नाथ सिंह एवं सचिव अनिल सिंह ने कहा किसानों को प्रेरित करते हुए कहा की किसानों की यह लड़ाई अपने हक की लड़ाई है. इस दौरान किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री के घेराव का ब्लू प्रिंट भी बताया. किसान महापंचायत में किसानों को अधिक संख्या में ले जाने के लिये पुरा जोर लगाने की अपील की गयी है. मालूम हो भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए कैमूर जिले के 93 मौजा की सैकड़ों एकड़ भूमि अधिग्रहण की गयी है. किसान उचित मुआवजा की मांग को लेकर पिछले तीन सालों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं. वही इस बार किसानों के हौसले देखकर लग रहा है कि बिहार सरकार से आर पार की लड़ाई के मूड में हैं.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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