मुआवजा नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश प्रतिनिधि, चांद. भारत माला परियोजना बनारस-रांची टू कोलकाता में सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है, परंतु किसानों को अभी तक उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है. हालांकि, कई बार कैंप लगाकर अधिकारियों की ओर से आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद किसानों को आश्वासन भी दिया गया. परंतु, कई किसानों को मुआवजे की राशि अभी तक नहीं मिल पायी है. इससे किसानों में काफी आक्रोश दिखा. बुधवार को जब भारत माला परियोजना से सड़क निर्माण का कार्य सिहोरिया गांव के समीप शुरू किया गया, तो बेसमेंट के पास ही किसानों ने काफी संख्या में मौजूद होकर कार्य को रोकने का प्रयास किया. कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक काम को नहीं होने देंगे. इस दौरान खैटी सिहोरिया मौजा के किसान विजय प्रजापति, मुसई राय, नथुना प्रजापति, जितेन्द्र यादव, सहेंद्र यादव, बिंदर बिंद, ललन शर्मा, मन्ना यादव, लालता जायसवाल, विकास यादव, मन्नू शर्मा आदि काफी संख्या में किसान मौजूद होकर सड़क निर्माण कार्य को रोका. किसानाें का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के लिए बार-बार विभिन्न मौजा में कैंप का आयोजन किया जा रहा है. कैंप स्थल पर पहुंचकर जिला पदाधिकारी कैमूर की ओर से भी किसानों को बहुत जल्द मुआवजा की राशि भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, परंतु खैटी, सिहोरिया मौजा के किसानों को अभी तक मुआवजा की राशि नहीं मिली है. किसानों का कहना था कि पहले भी खेत में लगे धान की फसल को रौंद दिया गया. उसका मुआवजा मिलने की संभावना भी नहीं है. भूमि अधिग्रहण का भी मुआवजा नहीं मिलने एवं लगातार हो रहे विलंब से किसान काफी परेशान हैं. वह बार-बार कार्यालयों का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं, परंतु अभी भी उनका मुआवजा नहीं मिल पा रहा है.
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