Kaimur News : चैनपुर एवं चांद प्रखंड क्षेत्र में भारतमाला एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर रविवार को मसोई में क्षेत्र के किसानों की अहम बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता मनसा जी सिंह ने की, जबकि संचालन किसान पशुपतिनाथ सिंह ने किया. बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और एक्सप्रेसवे निर्माण से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया.
सर्विस रोड नहीं बनने से खेतों तक पहुंच होगी मुश्किल
बैठक में किसानों ने एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सर्विस रोड का निर्माण नहीं किए जाने पर नाराजगी जतायी. किसानों ने कहा कि सर्विस रोड नहीं होने से उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी होगी. वहीं, आसपास के गांवों में आवागमन भी प्रभावित होगा. किसानों का कहना था कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ स्थानीय लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.
डीएम और एनएचएआई को सौंपेंगे ज्ञापन
किसानों ने निर्णय लिया कि अपनी मांगों को लेकर जिला पदाधिकारी, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और एक्सप्रेसवे निर्माण में लगी पीएनसी कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा. किसानों ने जिला पदाधिकारी से समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय देने की मांग की है.
मांग पूरी नहीं हुई तो निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई और सर्विस रोड का निर्माण नहीं कराया गया, तो किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य रोकने की भी चेतावनी दी गयी.
जलजमाव से बचाव के लिए अंडरपास और ह्यूम पाइप की मांग
बैठक में बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या पर भी किसानों ने चिंता जतायी. किसानों ने कहा कि एक्सप्रेसवे निर्माण के कारण प्राकृतिक जलनिकासी प्रभावित हुई तो कृषि भूमि में पानी जमा हो सकता है. इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है. किसानों ने एक्सप्रेसवे में जगह-जगह अंडरपास और ह्यूम पाइप लगाने की मांग की, ताकि बारिश के पानी की निकासी सुचारू रूप से होती रहे.
विकास के विरोधी नहीं, समाधान चाहते हैं किसान
किसानों ने कहा कि वे एक्सप्रेसवे निर्माण के विरोधी नहीं हैं. देश और प्रदेश के विकास में बाधा उत्पन्न करना उनका उद्देश्य नहीं है. उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि निर्माण कार्य के साथ किसानों और ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए. किसानों ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, इसलिए विकास परियोजनाओं में किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है.
बैठक में दद्दन सिंह, जितेंद्र यादव, श्रीराम सिंह, उदयनाथ सिंह, प्रीतम कुमार, जितेंद्र पांडेय, संजय कुमार सिंह, चंद्रजीत यादव, धर्मेंद्र सिंह, विकास उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
