विभाग व एनएचएआइ के उदासीन व नकारात्मक रवैये पर किसानों का फूटा गुस्सा किसानों को चार माह से मुआवजे का भुगतान नहीं, निर्माण कार्य जारी चार जनवरी को पसाई गांव में होगी किसान की बड़ी बैठक जिले में एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर सरकार व किसानों के बीच चला है लंबा संघर्ष किसान भू-अर्जन विभाग व अंचल कार्यालय का चक्कर लगा-लगाकर थक गये मुआवजा भुगतान में देरी की सूचना अधिकारियों को देेने के बाद भी समाधान नहीं होने से नाराजगी रामपुर. भारत माला परियोजना में भूमि अधिग्रहित प्रखंड क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने मुआवजा भुगतान को लेकर भू अर्जन विभाग, अंचल कार्यालय व एनएचएआइ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार की सुबह एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य को रोक दिया. इस संबंध में किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर के जिलाध्यक्ष विमलेश पांडेय व सचिव अनिल सिंह ने बताया कि किसानों को मुआवजा देने में भू अर्जन विभाग व एनएचएआइ के उदासीन व नकारात्मक रवैये से अजीज होकर भारी संख्या में किसानों ने एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य को रोक दिया. इसके बाद किसानों ने भू अर्जन विभाग व जिला प्रशासन से शीघ्र मुआवजा भुगतान की मांग की. किसानों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि किसानों को जल्द मुआवजा का भुगतान नहीं किया गया, तो एक बार फिर जिले में बृहद आंदोलन किया जायेगा. जिलाध्यक्ष श्री पांडेय ने बताया कि किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर व भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर के नेतृत्व में किसानों की एक बड़ी बैठक आगामी चार जनवरी को पसाई गांव में बुलायी गयी है, जिसमें जिले के पांच प्रखंडों के प्रभावित किसान भाग लेंगे. बता दें कि कैमूर जिले के चांद, चैनपुर, भभुआ, भगवानपुर व रामपुर प्रखंड में भारत माला परियोजना के तहत बनारस से रांची होते हुए कोलकाता तक एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गयी है. 57 किलोमीटर से अधिक लंबी एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर सरकार व किसानों के बीच लंबा संघर्ष चला. उचित मुआवजा देने पर सहमति बनने के बाद ही परियोजना का कार्य शुरू हुआ था. जिलाधिकारी व किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में तय हुआ था कि किसानों के खाते में मुआवजा की राशि ट्रांसफर करते हुए साथ-साथ एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य किया जायेगा. लेकिन पिछले चार महीनों से निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है, जबकि किसानों को मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है. किसान भू अर्जन विभाग व अंचल कार्यालय का चार माह से चक्कर लगाकर थक गये हैं. जिलाध्यक्ष श्री पांडेय ने कहा कि किसानों को बिना मुआवजा राशि का भुगतान किये एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य करना गलत है. मुआवजा भुगतान में हो रही देरी की सूचना जिलाधिकारी, भू अर्जन विभाग व एनएचएआइ को कई बार दी गयी, लेकिन अधिकारियों द्वारा किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. उन्होंने बताया कि नाराज किसानों ने बसनी, अकोढ़ी, गंगापुर, पसाई सहित आधा दर्जन गांवों में एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य को रोक दिया है व कार्य में लगे कर्मियों को भगा दिया गया. मौके पर दर्जनों किसान मौजूद रहे.
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