कैमूर के चांद प्रखंड मुख्यालय के प्रांगण में शुक्रवार को बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन प्रखंड कमेटी चांद की ओर से जनता की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया. धरने की अध्यक्षता कॉमरेड संजय पासवान ने की. इस दौरान वक्ताओं ने विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष मांगें रखीं. धरना के बाद मांगों से संबंधित लिखित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया.
भूमिहीनों को जमीन और बासगीत पर्चा देने की मांग
यूनियन की ओर से सभी भूमिहीनों को वास के लिए 10-10 डिसमिल जमीन देने, सरकारी जमीन पर बसे भूमिहीनों को बासगीत पर्चा देने और सभी लाल कार्डधारियों की जमीन की मापी कराकर दखल दिलाने की मांग की गयी. इसके अलावा सभी लोगों को नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गयी.
मजदूरों को 3000 रुपये पेंशन और 250 दिनों के काम की मांग
धरने में सभी खेतिहर ग्रामीण मजदूरों को 3000 रुपये मासिक पेंशन देने तथा ग्रामीण मजदूरों को साल में 250 दिनों का काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग की गयी. इसके साथ ही स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने की मांग भी रखी गयी.
राज्य उपाध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
धरना को संबोधित करते हुए राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड रंगलाल पासवान ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिहार बाढ़ में डूबा हुआ है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मोदी मीडिया का चरित्रहीन पाठ पढ़ाया जा रहा है.
किसान नेताओं ने भी रखी अपनी बातें
जिला मंत्री कॉमरेड कपिलदेव राम ने पाखंड से दूर रहते हुए मोदी सरकार को हटाने की अपील की. किसान सभा के जिला मंत्री कॉमरेड भीम सिंह ने कहा कि मोदी सरकार भारत-अमेरिका ट्रेड डील के माध्यम से बीज विधेयक 2025, बिजली विधेयक 2025 और स्मार्ट मीटर किसानों पर जबरन थोप रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे देश के किसान संयुक्त किसान मोर्चा के तहत 26 नवंबर से अनिश्चितकाल के लिए दिल्ली चलो का आह्वान कर रहे हैं.
सौंपा गया 12 सूत्री मांगपत्र
धरने के अंत में 12 सूत्री मांगपत्र बीडीओ/सीओ को सौंपा गया. धरना को सर्वकृष्ण भारती, बृजेश कुमार सिंह, मनोहर राम और रामसुंदर परवाना सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया. धरने में रामलाल राम, कमला गांधी, फूलमती देवी, गुना देवी, लक्ष्मीना देवी, शीला देवी, सुकुल देवी समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे.
