# जिले में कार्य नहीं करने वाले 241770 व्यक्तियों का बना हुआ है जॉबकार्ड # अप्रैल में फेस हाजिरी लागू होने की प्रबल संभावनाओं के बीच 78.85 प्रतिशत हुआ इ-केवाइसी # मनरेगा में कार्य नहीं करने वाले 218492 लोगों का किया गया है आधार सीडिंग # प्रभात खास # मोहनिया सदर. विकसित भारत जी राम जी (मनरेगा) योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने को लेकर सरकार भले ही कोई जुगत कर लें, लेकिन मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगा पाना मुश्किल ही नहीं असंभव नजर आ रहा है. जिले की 147 पंचायतों में 430681 व्यक्तियों ने मनरेगा से जाॅब कार्ड बनवा रखा है. जबकि, धरातल पर कार्य करने वाले एक्टिव (वास्तविक) मजदूरों की संख्या 188911 है. 241770 लोग मनरेगा में मजदूरी कार्य करते ही नहीं है. इसके बावजूद कार्य नहीं करने वाले 218492 लोगों का आधार सिडिंग व 90674 व्यक्तियों का इ-केवाइसी का किया जाना चिंता का विषय है. अब सवाल यह उठता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोग मनरेगा में मजदूरी कार्य करते ही नहीं है, तो ऐसे व्यक्तियों का जॉबकार्ड निरस्त क्यों नहीं किया जा रहा है. जब मनरेगा में कार्य ही नहीं करना है तो ऐसे लोगों का इ-केवाइसी किन परिस्थितियों में किया जा रहा है. जिले में ऐसे मनरेगा जॉबकार्ड धारियों की कुल संख्या 430681 बतायी गयी है, जो मनरेगा में कार्य ही नहीं करते है. इसमें ऐसे ही 407253 व्यक्तियों का आधार सीडिंग, ऐसे ही 239506 लोगों का इ-केवाइसी किया गया है. ऐसे लोगों के किये गये इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.81 है, जबकि आंकड़े बताते है कि जिले में एक्टिव (कार्य करने वाले) मजदूरों की वास्तविक संख्या 188911 है. एक्टिव 188761 मजदूरों का आधार सीडिंग, एक्टिव 148832 मजदूरों का इ-केवाइसी किया गया है. जिले में एक्टिव मजदूरों की इ-केवाइसी का प्रतिशत 78.85 है, ये आंकड़े 18 जनवरी 2026 के है. इन आंकड़ों में उतार चढ़ाव भी आ सकता है. इन आंकड़ों से आप अंदाजा लगा सकते है कि मनरेगा में धरातल पर मजदूरी कार्य नहीं करने वाले 90674 जॉब कार्ड धारियों का इ-केवाइसी आखिर क्यों किया गया है, ऐसे में मनरेगा में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाने की बात बेइमानी होगी. आशा व्यक्त की जा रहीं है कि अप्रैल 2026 में धरातल पर कार्य करने वाले मनरेगा मजदूरों की फेस स्क्रीनिंग के माध्यम से उपस्थित दर्ज किया जायेगा. ऐसा माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया लागू होने से मनरेगा में बिचौलियों व दलालों की दाल अब नहीं गलेगी. यह प्रयास किस हद तक सफल होगा, इसकी गवाही तो आने वाला समय ही देगा. # मनरेगा में किस तरह किया जाता है घालमेल यह किसी से छुपा नहीं है, बल्कि जगजाहिर है कि मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की संख्या बहुत कम होती है. लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का एमआर निकाला जाता है. धरातल पर कार्य 10 मजदूर करते हैं, लेकिन अलग-अलग मास्टर रोल पर फर्जी तरीके से दर्जनों लोगों की उपस्थिति दर्ज कर उनके बैंक खातों में मजदूरी की राशि का भुगतान अवैध रूप से किया जाता है. इसके बाद बिचौलियों व दलालों के माध्यम से कार्य नहीं करने वाले जिन लोगों के खाते में राशि भेजी गयी होती है. उनसे रुपये निकलवा कर 500-1000 रुपये उनको देकर शेष राशि संबंधित लोगों के बीच बंदरबांट कर लिया जाता है. कुछ तो ऐसे भी लोगों का नाम इस बार सामने आया है, जिनके खाते में मजदूरी का अवैध राशि जाने के बाद उन लोगों द्वारा राशि की निकासी कर बिचौलियों को दिया ही नहीं गया. इसको लेकर कई गांवों में बिचौलियों व दलालों ने उन ग्रामीणों से गाली गलौज तक किया, स्थिति हाथापाई व एक-दूसरे को देख लेने तक भी पहुंच गयी. # मनरेगा मजदूरों के आकड़ों पर एक नजर अधौरा प्रखंड : अधौरा प्रखंड की 11 पंचायतों में कुल मजदूरों की संख्या 25157 है, जिसमें 24161 का आधार सिडिंग, 13382 का इ-केवाइसी व इ-केवाइसी का प्रतिशत 55.39 है. यहां कार्य करने वाले एक्टिव मजदूरों की संख्या 16896, आधार सिडिंग 16874 व 10834 का इ-केवाइसी किया गया है. इ-केवाइसी का प्रतिशत 64.21 है. भगवानपुर प्रखंड : भगवानपुर प्रखंड की 09 पंचायतों में जाॅब कार्डधारी मजदूरों की संख्या 32828, 32388 का आधार सिडिंग व 19159 का इ-केवाइसी किया गया है. इ-केवाइसी का प्रतिशत 59.15 है. यहां कार्य करने वाले एक्टिव मजदूरों की संख्या 12635, आधार सिडिंग 12628, इ-केवाइसी 10230, जिसका प्रतिशत 81.01 है. भभुआ प्रखंड : भभुआ प्रखंड की 22 पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की संख्या 78573, आधार सिडिंग 73295, इ-केवाइसी 43121 तथा इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.83 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 31779, आधार सिडिंग 31769, इ-केवाइसी 25027 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 78.78 है. चैनपुर प्रखंड : चैनपुर प्रखंड की 16 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 59246, आधार सिडिंग 58037, इ-केवाइसी 34135 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.82 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 25590, आधार सिडिंग 25581, इ-केवाइसी 20854, इ-केवाइसी का प्रतिशत 81.52 है. चांद प्रखंड : चांद प्रखंड की 12 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 36009, आधार सिडिंग 34990, इ-केवाइसी 19470, इ-केवाइसी का प्रतिशत 55.64 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 13894, आधार सिडिंग 13890, इ-केवाइसी 11203, तथा इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.66 है. दुर्गावती प्रखंड : दुर्गावती प्रखंड की 13 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 28106, आधार सिडिंग 25201, इ-केवाइसी 14350 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 56.94 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 9508, आधार सिडिंग 9502, इ-केवाइसी 7664, इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.66 है. कुदरा प्रखंड : कुदरा प्रखंड की 14 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 36521, आधार सिडिंग 34095, इ-केवाइसी 21283 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 62.42 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 17970, आधार सिडिंग 17966, इ-केवाइसी 14787 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 82.31 है. मोहनिया प्रखंड : मोहनिया प्रखंड की 18 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 49234, आधार सिडिंग 45615, इ-केवाइसी 27444, इ-केवाइसी का प्रतिशत 60.16 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 19956, आधार सिडिंग 19943, इ-केवाइसी 16085, इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.65 है. नुआंव प्रखंड : नुआंव प्रखंड की 10 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 25809, आधार सिडिंग 23858, इ-केवाइसी 12842, इ-केवाइसी का प्रतिशत 53.83 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 11814, आधार सिडिंग 11813, इ-केवाइसी 9111 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 77.13 है. रामगढ़ प्रखंड : रामगढ़ प्रखंड की 13 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 27614, आधार सिडिंग 26456, इ-केवाइसी 14565, इ-केवाइसी का प्रतिशत 55.05 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 10998, आधार सिडिंग 10975, इ-केवाइसी 8511, इ-केवाइसी का प्रतिशत 77.55 है. रामपुर प्रखंड : रामपुर प्रखंड की 09 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 31584, आधार सिडिंग 29157, इ-केवाइसी 19755, इ-केवाइसी का प्रतिशत 67.75 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 17871, आधार सिडिंग 17820, इ-केवाइसी 14526 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 81.52 है. नोट : यह आंकड़े 18 जनवरी 2026 के है.
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