Bijili Supply Off : कैमूर के रामगढ़ थाना में रविवार की रात को सड़क किनारे लगा विद्युत पोल में बालू लदे डंपर की टक्कर से हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विद्युत पोल क्षतिग्रस्तसे हो गया. 200 मीटर की दूरी पर एनएच-319ए की मुख्य सड़क पर धर्मकांटा के समीप पोल के क्षतिग्रस्त होने से गोडसरा गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई. गोडसरा का फीडर नंबर सात की से बिजली सप्लाई करीब 10 घंटे तक बाधित रही. भीषण उमस के बीच पूरी रात बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
रविवार की रात करीब 12 बजे के बाद बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को बिना पंखे के उमस भरी रात गुजारनी पड़ी. सोमवार की सुबह भी बिजली नहीं रहने से घरों में लगे समरसेबल पंप नहीं चल सके, जिससे पानी की समस्या खड़ी हो गई. बिजली नहीं रहने का असर रोजमर्रा के घरेलू कामकाज पर भी पड़ा. स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुबह भोजन तैयार करने में गृहणियों को परेशानी झेलनी पड़ी.
सुबह तक नहीं पहुंचे विभाग के कर्मी
ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर और बढ़ गई कि घटना के करीब 10 घंटे बाद सोमवार की सुबह आठ बजे तक मौके पर बिजली विभाग के जेई या कोई अन्य कर्मी नजर नहीं आए. हादसे के बाद सड़क किनारे बने गड्ढे में डंपर गिरा हुआ था, लेकिन उसे हटाने के लिए डंपर मालिक की ओर से भी कोई ठोस पहल नहीं की गई. ग्रामीणों के अनुसार, घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी भी नहीं दिखी. ऐसे में फीडर नंबर सात से जुड़े ग्रामीण सुबह नौ बजे तक बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे.
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समय पर बिल नहीं तो बिजली कट
गोडसरा के समाजसेवी राधेश्याम यादव, पंकज कुमार सिंह, संजय चौधरी समेत अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए. ग्रामीणों ने कहा कि बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं होने पर विभाग उपभोक्ताओं के घरों की बिजली काटने में देर नहीं करता, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने पर समस्या के समाधान में घंटों लग जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं से बिजली खपत का हिसाब लिया जा रहा है, लेकिन व्यवस्था खराब होने पर विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है.
क्षतिग्रस्त पोल को जल्द दुरुस्त कराने की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर विद्युत पोल टूटने जैसी घटना के बाद विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पोल की मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने की कार्रवाई करनी चाहिए थी. लेकिन घंटों तक विभागीय कर्मियों के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. ग्रामीणों ने वरीय विद्युत पदाधिकारियों से मामले में तत्काल संज्ञान लेने, क्षतिग्रस्त पोल को दुरुस्त कराने और ऐसी घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
