Kaimur News: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (पटना) और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की सचिव डॉ. शैल ने बुधवार को भभुआ मंडल कारागार का औचक व भौतिक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं तथा बंदियों को मिलने वाले विधिक अधिकारों का गहन जायजा लिया.
बंदियों को निःशुल्क पैनल अधिवक्ता उपलब्ध कराने का आदेश
निरीक्षण के क्रम में सचिव डॉ. शैल ने विचाराधीन (अंडरट्रायल) बंदियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं और केस की स्थिति जानी. उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें अदालत में पैरवी के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व मिल रहा है या नहीं.
सचिव ने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि जिस भी बंदी के पास निजी वकील रखने की आर्थिक क्षमता नहीं है, उसे डीएलएसए के माध्यम से तत्काल निःशुल्क पैनल अधिवक्ता (Free Legal Aid Advocate) मुहैया कराया जाए. इसके साथ ही पात्र व असहाय बंदियों की सूची नियमित रूप से विधिक सेवा प्राधिकार को भेजी जाए, ताकि कोई भी बंदी कानूनी सहायता के अभाव में न्याय से वंचित न रहे.
रसोईघर, अस्पताल और महिला वार्ड का मुआयना
सचिव ने जेल परिसर की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, रसोईघर (मेस) में बनने वाले भोजन की पौष्टिकता और जेल अस्पताल में उपलब्ध जीवनरक्षक दवाओं व चिकित्सा व्यवस्था की बारीकी से जांच की.
महिला वार्ड के भ्रमण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों की समस्याओं, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखरेख से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की.
जमानत, प्ली बार्गेनिंग और लोक अदालत के प्रति किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, जमानत (Bail) के कानूनी प्रावधानों, प्ली बार्गेनिंग (Plea Bargaining), जेल में संचालित विधिक सहायता क्लिनिक की उपयोगिता और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदों के बारे में विस्तार से बताकर जागरूक किया गया.
इस अवसर पर भभुआ मंडल कारागार के अधीक्षक, संबंधित जेल अधिकारी, सुरक्षाकर्मी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पाराविधिक स्वयंसेवक (PLVs) मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
