Kaimur News: शाहाबाद रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सत्य प्रकाश ने बुधवार को कैमूर (भभुआ) जिले के साइबर थाने तथा पुलिस लाइन का वार्षिक एवं औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने साइबर अपराधों की रोकथाम, दर्ज मामलों के अनुसंधान की स्थिति तथा पुलिस लाइन में चल रहे सिपाही प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया.
साइबर डीएसपी को लंबित कांडों के निष्पादन और जागरूकता के निर्देश
साइबर थाने के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने दर्ज प्राथमिकियों (FIRs) में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की. उन्होंने साइबर डीएसपी को लंबित मामलों का समयबद्ध और त्वरित निपटारा करने का सख्त निर्देश दिया.
डीआईजी सत्य प्रकाश ने कहा कि साइबर अपराधी आए दिन ठगी के नए-नए और नायाब हथकंडे अपना रहे हैं. ऐसे में पुलिस का प्राथमिक दायित्व है कि वह आम नागरिकों को जागरूक करे:
- लोगों को बताएं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) साझा न करें.
- सोशल मीडिया या एसएमएस पर आए किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें.
- 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) और फर्जी लॉटरी/इनाम के नाम पर होने वाली ठगी के तरीकों से लोगों को सतर्क करें.
- विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और सोशल मीडिया के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं.
कैमूर पुलिस लाइन में गोपालगंज के 153 जवानों का प्रशिक्षण
डीआईजी ने कैमूर पुलिस लाइन में चल रहे सिपाही बुनियादी प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि गोपालगंज जिले के 153 प्रशिक्षु जवान कैमूर में सिपाही पद का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं.
डीआईजी ने जवानों के पठन-पाठन, शारीरिक अभ्यास, बैरक की व्यवस्था तथा भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि इन जवानों को कुल 270 दिनों (लगभग एक वर्ष) का व्यापक और अनुशासित प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ये सभी जवान अपने गृह जिले गोपालगंज में विभिन्न थानों व पुलिस प्रतिष्ठानों में ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे.
इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कैमूर पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी सहित जिले के तमाम वरीय पुलिस पदाधिकारी व पुलिस लाइन के अधिकारी उपस्थित रहे.
