Kaimur News : आइडी मिलने के बाद भी पंचायतों में नहीं बन पा रहे जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्रामीण परेशान

30 दिन से अधिक पुराने जन्म व मृत्यु के मामले का फॉर्म नहीं ले रहा है पंचायत कार्यालय

भभुआ शहर. पंचायत में आइडी मिलने के बाद भी लोगों के जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाये जा रहे हैं. इस कार्य को करने में पंचायत सचिव जान बूझकर मनमानी कर रहे हैं. पंचायत सचिवों द्वारा फॉर्म जमा नहीं लिया जा रहा है या जानबूझकर देरी की जा रही है. इससे लोगों को परेशानी हो रही है. यह एक गंभीर प्रशासनिक समस्या है, जिसे लेकर ग्रामीण परेशान हैं. जहां रूईया पंचायत ग्रामीण तड़ूरिद्दीन धोबी, नूरमोहम्मद बैठा, बहुअन पंचायत के ग्रामीण मुकेश राम, टिंकू कुमार, सोनाली कुंअर, आशुतोष कुमार सहित अन्य पंचायतों के ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव की लापरवाही के कारण एक महीना के ऊपर के बच्चों का जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं बनाये जा रहे हैं. पंचायत सरकार भवन कार्यालय का कई कई बार चक्कर काट चुके हैं. कभी भी पंचायत सचिव से मुलाकात नहीं होती है. जबकि फोन करने पर कभी आइडी बंद, तो कभी कोई अन्य बहाना बनाकर टाल देते हैं. इससे आमलोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बच्चों के स्कूल में नामांकन या मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर पेंशन बीमा आदि जैसी जरूरी सेवाओं में दिक्कत हो रही है. यानी कहा जा सकता है कि पंचायत सचिव जानबूझकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं और लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.

जिला मुख्यालय का लगाना पड़ रहा चक्कर

ग्रामीणों का कहना है कि जब वे पंचायत कार्यालय में जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन लेकर जाते हैं. लेकिन, घटना के 30 दिन से अधिक हो चुके होते हैं, तो पंचायत सचिव फॉर्म लेने से इन्कार कर देते हैं. इससे न केवल लोगों को आवश्यक दस्तावेजों की प्राप्ति में देरी हो रही है. बल्कि, उन्हें अब प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. वहीं, प्रक्रिया में बदलाव के कारण आमजन अनजान हैं और उन्हें सही जानकारी नहीं मिल रही. कई मामलों में लोग समय पर सूचना नहीं दे पाते या जानकारी के अभाव में देरी से आवेदन करते हैं. ऐसे में जब पंचायत स्तर से फॉर्म ही नहीं लिया जा रहा है, जिस से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जन्म व मृत्यु का प्रमाणपत्र 30 दिनों के भीतर बनाये जायेंगे

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया हैं कि जन्म व मृत्यु का प्रमाणपत्र केवल 30 दिनों के भीतर ही बनाया जायेगा. इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर बनाये गये रजिस्टर पर अब वरिष्ठ अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किया जायेगा, ताकि प्रमाणपत्र को वैधता मिल सके. विभागीय जानकारी के अनुसार, यदि किसी नवजात का जन्म अथवा किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो संबंधित परिवार को 21 से 30 दिन के भीतर आवेदन देना होगा. पंचायत सचिव उस जानकारी को रजिस्टर में दर्ज करेंगे, जिसके बाद वह रजिस्टर अनुमोदन के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी या अधिकृत अधिकारी के पास भेजा जायेगा. प्रमाण पत्र तभी जारी किया जायेगा, जब रजिस्टर पर अधिकारी का हस्ताक्षर होगा. इससे इसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित हो सके, यह नयी प्रक्रिया पारदर्शिता लाने और जनता को समय पर सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है.

कहते हैं अधिकारी

पंचायतो में ही जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का फॉर्म जमा करना है, जो पंचायत रजिस्ट्रार अपने रजिस्टर कॉपी में डाटा अंकित कर नियमानुसार कार्य करेंगे. अगर ऐसा नही करते हैं, तो कार्यवाही की जायेगी.

राजीव रंजन. प्रभारी सांख्यिकी पदाधिकारी

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Author: PANCHDEV KUMAR

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