मोंथा साइक्लोन का दूसरे दिन भी रहा असर, बारिश व हवा से बढ़ी ठंड

बुधवार रात भर और सुबह तक हुई बारिश से जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त

=बुधवार रात भर और सुबह तक हुई बारिश से जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त भभुआ सदर. ओडिशा और बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान मोंथा का असर जिले में दूसरे दिन भी रहा. तूफान के असर से सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार दिनभर और फिर बुधवार पूरी रात और गुरुवार सुबह तक हुई. लगातार रिमझिम बारिश और 16 किमी की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने जिले के फिजा में एकाएक ठंड बढ़ा दी. इधर, बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आयी है. तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से गिरकर न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ गया है. उधर, सोमवार शाम से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को काफी ठंड महसूस कराया है. हालांकि, पिछले लगभग एक पखवारे से पड़ रही तेज धूप और उमस से लोगों को कुछ राहत मिली है. इधर, खराब मौसम के कारण किसानों में चिंता बढ़ गयी है. किसान रमेश चंद सिंह, शिवशंकर पटेल ने बताया कि धान की फसल अब पकने की ओर है और यह बारिश व हवा पकती हुई फसलों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है. उन्होंने बताया कि जिले के पश्चिमी व दक्षिणी भाग में किसान कार्तिक माह में गोभी और लहसुन जैसी फसलों की बुआई करते हैं. मौजूदा बारिश और तेज हवाओं से इन पौधों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है. कृषि वैज्ञानिक अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल पका हुआ धान तुरंत न काटें, बादल और वर्षा की स्थिति स्पष्ट होने पर ही कटाई करें. जबकि, कटे हुए धान को खुले में छोड़ने के बजाय तिरपाल से ढककर रखें, ताकि नमी से दाना काला या खराब न हो. वहीं, खेत में पानी भरने की स्थिति में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखें और गीले मौसम में मड़ाई और भंडारण से बचें.

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Author: VIKASH KUMAR

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