Kaimur News : वार्ड छह में घर से चोरों ने नकदी सहित हजारों का सामान उड़ाया

भभुआ शहर के वार्ड छह में रात में घर में घुसकर चोरों द्वारा नकदी सहित हजारों रुपये का सामान उड़ा लिये गये.

भभुआ. भभुआ शहर के वार्ड छह में रात में घर में घुसकर चोरों द्वारा नकदी सहित हजारों रुपये का सामान उड़ा लिये गये. इसके बाद सुबह सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. इधर, सितंबर माह में आये दिन हो रही चोरी की घटनाओं के कारण लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठने लगा है. जानकारी के अनुसार, वार्ड छह में अनिल राम अपना घर बनाकर रहते हैं. शुक्रवार की रात जब घर के सभी सदस्य सो रहे थे, तभी रात में छत के ऊपर से चोर नीचे उतर आये और घर के आलमारी में रखे नकदी सहित अन्य तरह के सामान और अटैची लेकर फरार हो गया. घर में निचले तल्ले पर सो रहे परिजनों को इसका कोई पता भी नहीं चल पाया. सुबह होने पर चोरी की घटना का पता चला. इधर, चोरों द्वारा उडाये गये अटैची तथा कई तरह के कागज आदि थोड़ी दूर पर खेत में फेंक दिये गये थे, जहां ग्रामीणों की भीड़ लगने पर अनिल राम भी पहुंच गया और अपने अटैची की पहचान की. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी. मौके पर पहुंची पुलिस ने बधार में फेंके अटैची और अन्य सामान को कब्जे में लेते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है. इधर, शहर में आये दिन घट रहे चोरी की वारदातों से शहर वासी सहमे हैं और लोगों का भरोसा पुलिस से उठने लगा है. गौरतलब है कि सितंबर माह में ही शहर के वीआइपी कॉलोनी स्थित परमा नंद बिंद के घर से मोबाइल, लैपटॉप और 10 हजार रुपये लेकर फरार हो गये. सितंबर माह में ही शहर के वार्ड नंबर पांच में किराये का मकान लेकर रहने वाले रोहतास जिले के पोरा गांव निवासी इंजीनियर शशिकांत सिंह पिता गुप्तनाथ सिंह के कमरे में रोशनदान के सहारे चोर घर में घुस गये और कमरे में किसी नशीले वस्तु का स्प्रे कर दिया. इसके चलते घर के सभी सदस्य गहरी नींद में चले गये और चोर घर से 50 हजार नकदी सहित लाखों के गहने आदि लेकर चंपत हो गये. ये घटनाएं मात्र उदाहरण हैं. फिलहाल चोरों का मनोबल बढ़ा हुआ है. इन्सेट पूजा व उत्सवों के आते ही बढ़ जाती हैं चोरी की घटनाएं प्रतिनिधि भभुआ. वैसे तो चोरी की घटनाएं आम दिनों में भी होती रहती हैं. लेकिन, अक्सर देखा गया है कि पूजा और उत्सवों के अवसर पर खासकर शहरों में चोरी की घटनाएं तेज हो जाती हैं. क्योंकि अधिकांश लोग जो गांवों से बच्चों के पढाई लिखाई को लेकर शहर में आकर किराये पर रहते हैं. लेकिन, दशहरा, दिपावली, होली, छठ आदि पर्व त्योहारों के मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने गांव चले जाते हैं. जिसके कारण शहर में लिये गये किराये के मकान या उनके अपने मकान में ताला बंद हो जाता है. जिसका फायदा चोरों द्वारा आराम से उठाया जाता है. क्योंकि घर में कोई रहता नहीं है. ऐसे में चोर कोई न कोई तरकीब निकाल कर घर में घुस जाते हैं और सामानों की चोरी कर फरार हो जाते हैं.

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