भभुआ नगर. समाहरणालय संवर्ग के लिपिकों की हड़ताल पर रहने के कारण कलेक्ट्रेट, अनुमंडल, भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, अंचल अधिकारी कार्यालय, प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को भी काम काज ठप रहा. अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये कर्मी कलेक्ट्रेट के पास धरनास्थल पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि हमलोगों ने विगत दो महीने से अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर कार्य करने के साथ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन, हमलोगों की मांगों को जब सरकार द्वारा नहीं सुनी गयी, तो विवश होकर हड़ताल कर रहे हैं. हड़ताल के दौरान सभी कार्यालयों का कामकाज ठप रहा.
इधर, अपने अपने कार्य लेकर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण काफी परेशान दिखे. जबकि अधिकारी भी कार्यालय में समय से पहले पहुंचे हुए थे, जो आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी व 15 अगस्त को तैयारी को लेकर कर्मियों के कार्य पर नहीं रहने के कारण अधिकारी खुद अपने से फाइलों को तैयार करते हुए देखे गये. दरअसल बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) प्रांतीय के आह्वान पर शनिवार से अपनी 10 सूत्री लंबित मांगों एवं पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर समाहरणालय, प्रखंड, अंचल एवं अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत सभी लिपिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से सरकारी कार्यालय में कामकाज ठप हो गया है.
गौरतलब है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पहले विगत शुक्रवार की शाम को बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) के बैनर तले भभुआ शहर में मशाल जुलूस निकाला गया था. इतना ही नहीं लिपिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांध कार्य करने से लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन, सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर हड़ताल का निर्णय लिया गया. धरने की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने की, तो संचालन अर्जुन पासवान ने किया.
इस दौरान मौके पर प्रधान लिपिक मनोज कुमार, अजय कुमार सिंह प्रमोद कुमार सत्येंद्र कुमार, अनूज कुमार पांडे, प्रशांत, मनोज मिश्रा, सुरेंद्र सिंह सहित कई अन्य मौजूद रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
