कुदरा के सब इंस्पेक्टर पर कोर्ट ने लगाया "5000 का जुर्माना

कोर्ट परिसर में बीच रास्ते पर नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर लगा जुर्माना

भभुआ कार्यालय. आपने अक्सर जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड तक पुलिस पदाधिकारी के द्वारा नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ा करने को लेकर जुर्माना करते हुए देखा होगा, लेकिन भभुआ के कोर्ट परिसर में पुलिस पदाधिकारी के ऊपर ही बीच रास्ते पर नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ा करने पर पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है. उक्त जुर्माना परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक कुमार के द्वारा कुदरा थाने के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इरफान राजा पर लगाया गया है. सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इरफान राजा पर लगाया गया 5000 का जुर्माना न्यायालय के आदेश पर पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना में जमा कराया गया. दरअसल, कुदरा थाने के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इरफान राजा अपने निजी वाहन से सरकारी कार्य को लेकर भभुआ बिहार न्यायालय के परिसर में आए हुए थे. उनके द्वारा अपनी चरपहिया वाहन को पार्किंग में खड़ा करने के बजाय बीच रास्ते पर नो पार्किंग जोन में ऐसी जगह पर खड़ा कर दी गयी, जिससे न्यायालय के न्यायाधीश समेत किसी की भी गाड़ी वहां से निकल पाना संभव नहीं था. काफी लंबे समय तक उक्त गाड़ी को हटावाने के लिए सुरक्षाकर्मी उक्त सब इंस्पेक्टर को न्यायालय परिसर में खोजते रहे, ताकि न्यायाधीश सहित अन्य लोगों की गाड़ी वहां से निकल सके. लेकिन, काफी देर तक उनके गाड़ी के पास नहीं आने के कारण न्यायाधीश समेत अन्य लोगों की गाड़ी फंसी रही. जब सुरक्षाकर्मियों से पूछा गया कि आखिर नो पार्किंग जोन में बीच रास्ते पर यह गाड़ी सुरक्षा कर्मियों के रहने के बावजूद कैसे खड़ी हो गयी. इस पर सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्होंने सब इंस्पेक्टर को कहा था कि वह अपनी गाड़ी यहां नहीं खड़ा करें. यह नो पार्किंग जोन है. यहां गाड़ी खड़ी करने से रास्ता अवरुद्ध हो जायेगा. लेकिन उक्त सब इंस्पेक्टर सुरक्षाकर्मियों की बात नहीं माने और अपनी गाड़ी वहीं पर खड़ी कर चले गये. इसके बाद इसकी जानकारी जब परिवार न्यायालय के न्यायाधीश विवेक कुमार को हुई, तो उन्होंने सब इंस्पेक्टर के द्वारा इस तरह के किये गये कार्य को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए उस पर 5000 का जुर्माना लगा दिया. गलती की पुनरावृत्ति नहीं करने की दी गयी हिदायत परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के द्वारा जुर्माना लगाये जाने की जानकारी मिलने पर सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इरफान राजा ने न्यायालय के आदेश के मुताबिक पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना में 5000 रुपये जमा किया.वहीं, न्यायालय ने सब इंस्पेक्टर को इस तरह की गलती भविष्य में नहीं करने की हिदायत दी गयी.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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