कैमूर में शराब की खेप पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग, तीन गिरफ्तार, तीन हिरासत में

Kaimur News : कैमूर के अखिनी गांव में पुलिस पर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया. शराब की खेप पकड़ने पहुंची टीम पर हमला कर आरोपित फरार हो गए. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य हिरासत में हैं.

Kaimur News : नुआंव थाना क्षेत्र के अखिनी गांव में शनिवार की रात शराब की खेप पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग की घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने के बाद अंधेरे का फायदा उठाया और हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गये. घटना की गंभीरता को देखते हुए कैमूर एसपी शिखर चौधरी रात करीब नौ बजे अखिनी गांव पहुंचे और करीब चार घंटे तक कैंप कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी करायी. रात से रविवार तक चले अभियान में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस ड्रोन से गांव और आसपास के इलाकों की निगरानी कर रही है.

हथियार के साथ भागने का आरोप

पुलिस ने घटनास्थल से एक सफारी वाहन बरामद किया है. पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान अखिनी निवासी आरिफ खान हथियार के साथ अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला. एसपी ने बताया कि आरिफ खान के खिलाफ शराब तस्करी समेत कई मामले दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

नदी पुल के रास्ते शराब आने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

पुलिस को शनिवार की शाम सूचना मिली थी कि यूपी-बिहार की सीमा को जोड़ने वाले अखिनी-कुर्रा नदी पुल के रास्ते शराब की बड़ी खेप बिहार में प्रवेश कराने की तैयारी है. सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष शांतनु कुमार पुलिस बल के साथ गारा चौबे नहर के महरथा नहर पुल के रास्ते अखिनी की ओर निकले. इसी दौरान तियरा माइनर से निकली नहर के पास एक सफारी वाहन दिखाई दिया. पुलिस वाहन को देखते ही सफारी सवार भागने लगे.

पुलिस वाहन को टक्कर मारकर अंधेरे में भागे आरोपित

पुलिस के अनुसार, आरोपित नदी पुल पार कर खेल मैदान की ओर गये और वाहन को घुमाकर फिर अखिनी गांव की तरफ ले आये. उन्हें रोकने के लिए पुलिस की दूसरी टीम ने सामने से घेराबंदी की, लेकिन आरोपितों ने पुलिस वाहन को टक्कर मार दी. इसके बाद करीब 200 मीटर आगे सफारी वाहन छोड़कर अंधेरे में भाग निकले. इस दौरान हवाई फायरिंग किये जाने की बात पुलिस ने कही है. तलाशी के दौरान सफारी के अंदर तीन बाइकें मिलीं.

एसपी बोले, शराब के बजाय हथियार होने की जानकारी सामने आयी

एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि पुलिस को शराब की सूचना मिली थी, लेकिन मौके से शराब के बजाय हथियार होने की जानकारी सामने आयी. पुलिस के अनुसार, आरिफ खान हथियार के साथ फायरिंग करते हुए भागा. उसकी गिरफ्तारी समेत अन्य आरोपितों की तलाश में अभियान जारी है. एसपी ने कहा कि फरार आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा.

अप्रैल 2025 में भी उत्पाद टीम पर हुआ था हमला

अखिनी में शराब तस्करी को लेकर पुलिस और तस्करों के बीच टकराव का यह पहला मामला नहीं है. 23 अप्रैल 2025 को शराब तस्करों द्वारा उत्पाद विभाग की टीम पर हमला किये जाने का मामला सामने आया था. उस दौरान लाठी-डंडे से हमला कर शराब के साथ पकड़े गये विकास राम, पिता चतुर्भुज राम, को छुड़ा लिया गया था. घटना में उत्पाद विभाग के एसआइ संतोष कुमार निराला समेत तीन जवान घायल हुए थे.

छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी नामजद प्राथमिकी

इस मामले में संतोष कुमार निराला के बयान पर अखिनी के छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी. प्राथमिकी में आरिफ खान के अलावा शौकत खान, शाहबाज खान, कादिर खान, मंजूर खान तथा पकड़े गये विकास राम को आरोपित बनाया गया था. पुलिस ने बाद में आरिफ समेत कुछ आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था.

थाने में लगी जब्त बुलेट

चेकपोस्ट हटने और पिकेट बहाली का मुद्दा फिर उठा

पुलिस पर फायरिंग की घटना के बाद अखिनी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले उठाये गये सवाल भी फिर चर्चा में हैं. रामगढ़ विधायक सतीश कुमार सिंह ने कहा कि अखिनी का चेकपोस्ट सीमा से हटाकर करीब तीन-चार किलोमीटर पीछे कर दिया गया है. उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद एसपी और डीएम से चेकपोस्ट को फिर सीमा पर स्थापित करने तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग करने की बात कही. उन्होंने 12 जून को बिहार विधानसभा याचिका समिति की गृह विभाग संबंधी बैठक में भी यह मुद्दा उठाने की बात कही.

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युवक की हत्या के बाद सांसद ने भी पिकेट बहाली की मांग की थी

वहीं, पांच अगस्त को अखिनी में एक युवक की हत्या के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने भी एसपी से अखिनी नदी पुल के पास पूर्व की तरह पुलिस पिकेट बहाल करने की मांग की थी. उनका कहना था कि यूपी-बिहार सीमा होने के कारण नदी पुल पर पिकेट नहीं रहने से शराब तस्करों और अपराधियों के लिए सीमा पार से बिहार में प्रवेश करना आसान हो जाता है. उस समय एसपी ने डीएम से बात कर पिकेट बहाल कराने तथा तब तक गांव में पुलिस बल रखने की बात कही थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बावजूद नदी पुल पर पिकेट की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी.

जब्त सफारी की तस्वीर

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रात से रविवार तक घर-घर तलाशी, ड्रोन से निगरानी

फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने शनिवार की रात से रविवार तक अखिनी गांव में व्यापक तलाशी अभियान चलाया. पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों और घरों में आरोपितों की तलाश करती रहीं. अभियान के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी. रविवार को भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही और फरार आरोपितों की तलाश के लिए ड्रोन से निगरानी की गयी.

गांव में कैम्प करती पुलिस

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By संजय जायसवाल

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