नुआंव (कैमूर): हथियार तस्करी की सूचना पर अखिनी गांव के समीप वाहन जांच के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने पांचवें आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया आरोपित अखिनी गांव निवासी आसिफ रजा खान उर्फ मंटू खान (पिता जहांगीर खान) है. पुलिस ने उसे सोमवार की रात अखिनी गांव से घेराबंदी कर पकड़ा, जब वह गुजरात भागने की तैयारी में था. मंगलवार को स्वास्थ्य जांच के बाद उसे मोहनियां उप-कारा (न्यायिक हिरासत) भेज दिया गया. इस कांड में पुलिस रविवार देर शाम चार आरोपितों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है.
एसपी ने चार घंटे कैंप कर की थी छापेमारी
मामले के अनुसार, यूपी के दिलदारनगर से अवैध हथियारों की खेप रोहतास के परसथुआ बाजार ले जाने की गुप्त सूचना पर पुलिस अखिनी के पास वाहनों की तलाशी ले रही थी. इसी बीच एक लग्जरी वाहन पर सवार अपराधियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और गांव की ओर भाग निकले. वारदात के बाद एसपी शिखर चौधरी ने रात में खुद अखिनी पहुंचकर करीब चार घंटे तक कैंप किया और जवानों का नेतृत्व करते हुए सघन छापेमारी कराई. हालांकि, पुलिस पर सीधे गोली चलाने वाला मुख्य आरोपित आरिफ खान अब भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.
पुलिस पिकेट हटने से सीमा पर बढ़ी तस्करी
यूपी-बिहार सीमा पर स्थित अखिनी गांव पिछले काफी समय से तस्करों और अपराधियों की आवाजाही को लेकर संवेदनशील रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक साल पहले नदी तट से पुलिस पिकेट हटाए जाने के बाद से सीमा क्षेत्र में गश्ती कमजोर पड़ी है. इसका लाभ उठाकर शराब व हथियार तस्कर यूपी सीमा से बिहार में प्रवेश करते हैं और वारदात को अंजाम देकर सीमा पार निकल जाते हैं. पांचवें आरोपित की गिरफ्तारी से लोगों ने राहत तो ली है, लेकिन मुख्य सरगना की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
