दो दिनों के राहत के बाद फिर से बढ़ी जबर्दस्त ठंड, पारा आया 10 से नीचे

दिनभर धूप नहीं निकलने और बर्फीली पछुआ हवा से ठिठुरी जिंदगी

= दिनभर धूप नहीं निकलने और बर्फीली पछुआ हवा से ठिठुरी जिंदगी 20 मीटर तक सिमटी विजिबिलिटी, शीतलहर चलने से जनजीवन बेहाल भभुआ सदर. नये साल के पहले दो दिन राहत मिलने के बाद एक बार फिर ठंड व बर्फीली पछुआ हवा ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. शनिवार को दिनभर धूप नहीं निकलने व शीतलहर चलने से जनजीवन त्रस्त रहा. शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग 20 मीटर तक ही रही. हालांकि, सुबह 8.00 बजे के बाद धरातल से कोहरा छंटता दिखा, लेकिन आसमान में बादलों के जमे रहने के कारण पूरे दिन भगवान भास्कर की झलक नहीं मिली, जिससे ठिठुरन और बढ़ गयी. सांख्यिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में दो डिग्री सेल्सियस कम रहा. दरअसल, शुक्रवार को सुबह करीब 9.00 बजे ही सूर्य के दर्शन हो गये थे, लेकिन शनिवार को दिनभर धूप नहीं निकली. फिलहाल पश्चिम की ओर से आ रही तेज बर्फीली हवाओं के कारण जिलेभर में कोल्ड डे कंडिशन बना हुआ है, जो अगले हफ्ते भी जारी रहने की संभावना जतायी जा रही है. जबर्दस्त ठंड से बाजार भी हुआ ढीला एक व दो जनवरी को राहत मिलने के बाद शनिवार से दोबारा जबरदस्त ठंड बढ़ने के कारण दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का शहर में आना काफी कम हो गया है. इसकी तस्दीक बसों व सवारी वाहनों की संख्या के साथ-साथ सदर अस्पताल में इलाज व दवा के लिए उमड़ने वाली भीड़ से भी हो रही है. बस मालिक अंकित सिंह ने बताया कि फिलहाल सवारी कम मिलने से तेल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है. वहीं, शहर के कुछ कपड़ा व्यवसायियों ने बताया कि बढ़ी ठंड की वजह से शनिवार को बिक्री की स्थिति काफी खराब रही. पिछले साल भी एक माह पूर्व ऐसी पड़ी थी ठंड इस सीजन में पिछले तीन दिनों से न्यूनतम के साथ अधिकतम तापमान में भी तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. दो दिन पहले दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, लेकिन शनिवार से मौसम ने फिर करवट ली और बादली व एकाएक शीतलहर शुरू हो जाने से ठंड काफी बढ़ गयी. हालांकि यह स्थिति गत वर्ष के सर्दी सीजन में भी लगभग इसी समय बनी थी. आलू की फसल बचाने के लिए मेढ़ पर अलाव जलाएं किसान सेवानिवृत्त कृषि विज्ञानी शिवपूजन सिंह ने आलू की खेती करने वाले किसानों को सलाह दी है कि फसल को पाले से बचाने के लिए सिंचाई कर दें या मेढ़ों पर अलाव जलाएं. साथ ही रिडोमिल एक लीटर पानी में दो ग्राम मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी गयी है. उधर पशुपालकों को अपने पशुओं को हल्का गुनगुना पानी व गुड़ का घोल पिलाने की बात कही गयी है. वहीं मुर्गी व अन्य पक्षियों के दरबों को चारों ओर से बंद रखने की सलाह दी गयी है, ताकि ठंडी हवा का असर कम हो सके. संभावना जतायी जा रही है कि अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है.

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Author: VIKASH KUMAR

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