Kaimur News: कैमूर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार पांडे की अदालत ने गुरुवार को स्पीडी ट्रायल के तहत ऐतिहासिक और अहम फैसला सुनाया है. न्यायालय ने 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी दीपक कुशवाहा (पिता- राम बच्चन कुशवाहा, निवासी- ग्राम सावठ, थाना दुर्गावती, जिला कैमूर) को भादवि (IPC) की धारा 376 के तहत दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹50,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
3 मई 2024 को स्कूल जाने के दौरान की थी दरिंदगी
मामले की जानकारी देते हुए कैमूर जिले के पोक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक (Special PP) शशि भूषण पांडे ने बताया कि घटना 3 मई 2024 की सुबह करीब 8:30 बजे की है. पीड़िता जब अपने घर से विद्यालय (स्कूल) जा रही थी, तब अभियुक्त दीपक कुशवाहा ने बाइक से उसका पीछा किया और सुनसान रास्ते पर ले जाकर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
स्पीडी ट्रायल के तहत 8 गवाहों की गवाही के बाद मिला न्याय
दुर्गावती थाना कांड संख्या 122/2024 के तहत पुलिस द्वारा अनुसंधान के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया. विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाहों की गवाही कराई गई. अदालत ने सभी गवाहों, चिकित्सीय रिपोर्ट एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को दोषी पाया और त्वरित न्याय सुनाया. इस मामले में जिला अभियोजन शाखा के त्वरित सहयोग के कारण पीड़िता और उसके परिवार को बेहद कम समय में न्याय मिल सका.
