Kaimur News : कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दियरी और नवसृजित प्राथमिक विद्यालय लाखनडाही में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. प्रखंड के लेखापाल हिमांशु शेखर पाण्डेय द्वारा किए गए अनुश्रवण में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, भवन की स्थिति और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल खड़े हुए हैं. रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है.
एक लाख रुपये खर्च, फिर भी नहीं हुआ मरम्मत कार्य
लेखापाल ने बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय दियरी को कम्पोजिट ग्रांट मद से 50 हजार रुपये और मरम्मत मद से 50 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए थे. विभागीय अभिलेखों के अनुसार राशि की निकासी भी हो चुकी है, लेकिन निरीक्षण में संबंधित कार्य नहीं मिला. विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में पाया गया.
टूटे शौचालय, खिड़कियां और बिखरा फर्नीचर
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शौचालय, खिड़कियां और दरवाजे क्षतिग्रस्त मिले. फर्नीचर अस्त-व्यस्त पड़ा था और कई वर्षों से भवन में रंग-रोगन नहीं कराया गया था. जबकि विभाग हर वर्ष रखरखाव और मरम्मत के लिए राशि उपलब्ध कराता है.
कक्षा छोड़ परिसर और सड़क पर घूमते मिले बच्चे
जांच के दौरान कई छात्र कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय विद्यालय परिसर और बाहर सड़क पर घूमते मिले. रिपोर्ट में इसे विद्यालय में अनुशासन और शैक्षणिक व्यवस्था की गंभीर कमी बताया गया है.
दूसरे स्कूल में भी मिली अनियमितता
दोपहर करीब 1:25 बजे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय लाखनडाही का भी निरीक्षण किया गया. यहां सभी शिक्षक उपस्थित थे, लेकिन समय-सारणी का पालन नहीं हो रहा था. मध्याह्न भोजन का निर्धारित समय होने के बावजूद बच्चे कक्षाओं में नहीं थे और परिसर व सड़क पर घूमते मिले.
रिपोर्ट भेजी गई, विभाग करेगा कार्रवाई
लेखापाल हिमांशु शेखर पाण्डेय ने दोनों विद्यालयों में पाई गई कमियों और अनियमितताओं का विस्तृत उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया है. रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है. विभागीय स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है.
