जय बजरंग स्वीट्स से पांच बाल श्रमिक कराये गये मुक्त

श्रम संसाधन विभाग की टीम ने ढाबों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में की छापेामरी

मोहनिया सदर.

श्रम संसाधन विभाग की टीम ने गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र के ढाबों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में छापेमारी की. इस दौरान चांदनी चौक स्थित जय बजरंग स्वीट्स से पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. इनमें चार झारखंड के चतरा जिले के निवासी हैं, जबकि एक बालक गया जिले का रहने वाला है. सभी बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई को सुपुर्द कर दिया गया.वहीं, दोषी नियोजकों पर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मुक्त कराए गए प्रत्येक बालक को तत्काल सहायता राशि के रूप में तीन हजार रुपये दिये गये हैं. साथ ही उच्चतम न्यायालय के एमसी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में दिये गये आदेश के आलोक में दोषी नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये की दर से एक लाख रुपये वसूली की कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत भी कार्रवाई होगी.

जानकारी के अनुसार, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य करवाना और 14 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों से खतरनाक कार्य करवाना दंडनीय अपराध है. इसमें दोषी पाये जाने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना और छह महीने से दो साल तक की सजा का भी प्रावधान है. श्रम अधीक्षक ने बताया कि यह छापेमारी दल नियमित रूप से जिले में अभियान चलाता है. इस धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राजीव रंजन निखर (मोहनिया), दिनेश कुमार केसरी (भभुआ), रामराज सोनी (चांद), अजितेश तिवारी (दुर्गावती), जय गोपाल नाथ (रामगढ़), चाइल्ड हेल्पलाइन सदस्य, औलिया आध्यात्मिक समाज के राकेश कुमार तथा पुलिस बल शामिल रहे.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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