सरकारी जमीन पर कैसे बना इंदिरा आवास

कुदरा/पुसौली : स्थानीय प्रखंड अंतर्गत कर्मा गांव में पिछले माह उच्च न्यायालय के आदेश पर तोड़े गये पक्के मकानों में 14 लोग का इंदिरा आवास बना था. जबकि, अतिक्रमण वाद के मामले में कर्मा गांव के 57 परिवार का सरकारी जमीन में दशकों पूर्व अतिक्रमण कर बनाये गये मकान को प्रशासन ने बुलडोजर चलवा कर […]

कुदरा/पुसौली : स्थानीय प्रखंड अंतर्गत कर्मा गांव में पिछले माह उच्च न्यायालय के आदेश पर तोड़े गये पक्के मकानों में 14 लोग का इंदिरा आवास बना था. जबकि, अतिक्रमण वाद के मामले में कर्मा गांव के 57 परिवार का सरकारी जमीन में दशकों पूर्व अतिक्रमण कर बनाये गये मकान को प्रशासन ने बुलडोजर चलवा कर ध्वस्त करा दिया था. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार कर्मा गांव के प्लाट नंबर 861 को अतिक्रमणमुक्त कराया गया था. यह जमीन सर्वसाधारण की है. इस पर लगभग 40 वर्षों से अवैध कब्जा कर ऐसे 14 लोग शामिल है, जो सरकार से मिलनेवाले इंदिरा आवास को उक्त सरकारी जमीन पर ही बना लिए थे. इनका अतिक्रमण हटाने के दौरान इंदिरा आवास के मकान को भी तोड़ दिया गया. सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर जब इंदिरा आवास पास हुआ तो उसमें बिहार सरकार की जमीन पर ही बनाने के लिए दिया गया था या लाभार्थियों द्वारा गलत तरीके से सरकारी जमीन पर बना लिया गया.

इसकी जांच भी शुरू हो गयी है. प्रखंड अधिकारी के माने तो कभी भी इंदिरा आवास पास होता है तो उसमें लाभार्थी द्वारा निजी जमीन का विवरण देना पड़ता है. लेकिन, किस तरह से 14 लोग सरकारी जमीन पर इंदिरा आवास बना लिये. यह जांच का विषय है. फिलहाल अतिक्रमण हटने के बाद काफी लोग बेघर हो गये है. पीड़ित किसी अन्य के खेतों में प्लास्टिक के रेवटी लगा कर रह रहे हैं.

आलम यह है कि जिस सरकारी प्लॉट में बुलडोजर चला कर मकान तोड़े गये उसमें पूर्व से ही दर्जनों लोगों का इंदिरा आवास बना था.

इसे अतिक्रमण वाद में तोड़ा गया. यहां सवाल उठता है कि सरकारी जमीन में कैसे बना इंदिरा आवास. अंचल कर्मियों व आवास सहायक द्वारा घोर अनियमितता के कारण सरकार द्वारा लाखों खर्च कर बनाये गये इंदिरा आवास को अतिक्रमण हटाओ अभियान में तोड़ा गया. इससे सरकार का लाखों रुपये का नुकसान हुआ. पता चला है कि इंदिरा आवास निजी जमीन में बनाया जाता है. इसकी जांच अंचल कर्मी व आवास सहायक करते हैं.

तब जाकर आवास के पैसे का भुगतान किस्तों में होता है. यहां तो सरकारी जमीन में ही बना दिये गये दर्जनों इंदिरा आवास जो अतिक्रमण में तोड़ दिये गये.

मुखिया द्वारा जारी सूची के अनुसार कर्मा गांव के प्लांट 861 में इंदिरा आवास जो प्रशासन द्वारा अतिक्रमण में तोड़ा गया है. उसमें शामिल हैं. प्रेमचंद्र, जय कुमार राम, विनोद कहार, नंद किशोर राम, उमेश कहार, जय प्रकाश राम, अक्षैबर सिंह, भागीरथी राम, लालमोहन, दूध नाथ, जोखन राम, नाजिर राम, रामबचन बिंद, संजय कहार शामिल है, जिनको वर्ष 2001-2002, 13 -14 व 11-12 में इंदिरा आवास आवंटन किया गया था, जो अपना सरकारी जमीन पर मकान भी बना लिये थे.

इनका अतिक्रमण हटाने के दौरान तोड़ दिया गया, जिसमें आखिर दोषी कौन है. लाभार्थी या अधिकारी यह तो जांच के बाद ही मालूम होगा. फिलहाल कुदरा बीडीओ इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.

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