गौरव. प्रशासन व लोगों के सहयोग से 2014 में भभुआ ग्रीन सिटी हुआ था घोषित
नगर पर्षद की तैयारी अधूरी
भभुआ सदर : ग्रीन सिटी के नाम से देश-विदेश में चर्चित भभुआ आज अपनी तीसरी वर्षगांठ मनाने जा रहा हैं. आज के ही दिन 2014 में तत्कालीन डीएम अरविंद कुमार सिंह ने शहरवासियों के सहयोग से भभुआ को हरे रंग से रंगे जाने के कारण ग्रीन सिटी का नाम दिया था. उस वक्त शहरवासी भी बिना सरकारी आदेश के केवल एक अधिकारी के कहने पर अपने-अपने मकानों को हरे रंग से रंगकर इस अभियान में साथ दिया था.
तब न सिर्फ मकानों को रंगने का अभियान चला, बल्कि शहर की हरियाली और सफाई पर भी ध्यान दिया गया था. तब से अब में काफी बदलाव आया है और अभी महज ग्रीन सिटी बने शहर को मात्र तीन ही वर्ष हुए हैं. लेकिन, अदूरदर्शी नगर पर्षद अधिकारी व नगर अध्यक्ष सहित पार्षदों के बीच आपसी खींचतान ने शहर की ग्रीन सिटी की पहचान को लोगों के बीच भ्रमित कर दिया है.
जैसे-तैसे हो रही समारोह की तैयारी
नगर पर्षद के अधिकारी ग्रीन सिटी की वर्षगांठ को जैसे-तैसे मनाने की तैयारी में हैं. वर्षगांठ मनाने के लिए नगर पर्षद द्वारा न तो शहरवासियों को जागरूक किया गया है और न ही शहर में अन्य कोई आयोजन हुआ है. डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने वर्षगांठ मनाने के लिए नगर पर्षद को शहर के डिवाइडरों पर लोहे की ग्रील लगवाकर उसमें फुल-पौधे लगाने सहित अन्य कार्य कराने का निर्देश दिया था. लेकिन, नगर पर्षद ने मात्र ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार-प्रसार कर व शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई करा अपनी जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है. इस बारे में जब नप के कार्यपाक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि आज ग्रीन सिटी के तीसरी वर्षगांठ पर महापुरूषों के प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करा उक्त स्थानों को हरे गुब्बारों से सजाया जायेगा. इसके अलावे अन्य कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जायेगा.
इधर, ग्रीन सिटी भभुआ की तीसरी वर्षगांठ के आयोजन की तैयारियों के बारे में नगर पर्षद के अध्यक्ष बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया था कि वर्षगांठ के दिन एकता चौक पर सभी अधिकारी व शहरवासियों की मौजूदगी में ग्रीन सिटी का संदेश देने के लिए हरे रंग का गुब्बारा उड़ाया जायेगा. लेकिन, नप द्वारा गैसवाले गुब्बारे का प्रबंध नहीं किये जाने से डीएम का यह निर्देश हवा-हवाई हो गया. नप अध्यक्ष ने बताया कि जो भी कार्यों की सूची उनके द्वारा नप इओ को भेजी जाती है. उसपर उनके द्वारा कोताही बरती जाती है. उनका कहना था कि उन्हें और उनके पार्षदों को यह भी नहीं पता कि शहर में ग्रीन सिटी के वर्षगांठ पर आयोजन कितने बजे से होगा.
