निंदनीय. विकास पर चर्चा के बजाय तू-तू-मैं-मैं, हाथापाई तक पहुंची बात
नगर पर्षद अध्यक्ष ने किया बीच-बचाव
भभुआ कार्यालय : नगर पर्षद में शुक्रवार को आयोजित बैठक में काफी हंगामा हुआ. आमतौर पर होनेवाली बैठकों में भी हंगामा होता है, पर शुक्रवार को बात कुछ आगे बढ़ गयी़ बैठक में वार्ड आठ के पार्षद अमजद अली ने नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) दीनानाथ सिंह व प्रधान लिपिक पर मनमानी व बात नहीं मानने का आरोप लगाया.
वह अपनी कुरसी छोड़ प्रधान लिपिक के पास पहुंच गये व उनकी कलम व कागज छीन लिये. इधर कार्यपालक पदाधिकारी ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गयी. अभद्र भाषा का भी प्रयोग होने लगा. बात इतनी बिगड़ गयी कि दोनों एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे. नौबत हाथापाई तक पहुंच गयी. स्थिति को बिगड़ता देख नगर पर्षद के अध्यक्ष बजरंग बहादुर सिंह उर्फ मलाई सिंह बीच-बचाव के लिए अपनी कुरसी छोड़ पार्षद अमजद अली के पास आ गये और उन्हें शांत करा उनकी कुरसी पर बैठाया.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई नगर पर्षद की बैठक शुरू से ही हंगामेदार रही. पहले की बैठकों का प्रस्ताव रजिस्टर में नहीं लिखे जाने व पारित की गयी योजनाओं पर काम नहीं किये जाने को लेकर पार्षद काफी आक्रोशित थे. इसी दौरान अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित सभी पार्षद लगभग आधे घंटे तक नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी के बैठक में मौजूद नहीं रहने के कारण आक्रोश जताया. बैठक शुरू हुई, तो पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने व डोर-टू-डोर कूड़ा उठवाने का प्रस्ताव पास हुआ था. लेकिन, उसे अब तक जमीन पर नहीं उतारा गया. यही नहीं बैठक की प्रोशेडिंग रजिस्टर में भी पिछले बैठकों की प्रोशेडिंग अब तक दर्ज नहीं की गयी है.
पार्षदों ने आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा नगर पर्षद को मनमाने ढंग से चलाया जा रहा है. अमजद अली ने कहा कि पार्षदों की स्थिति यह हो गयी है कि लोग उनकी बातों का भरोसा तक नहीं करते. बैठक के दौरान पार्षदों के बीच आपस में भी गतिरोध दिखा. कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षद आपस में उलझते नजर आये. नगर पर्षद की बैठक में सारी मर्यादाओं को ताक पर रख कर कोई खैनी बनाता दिखा, तो कोई अभद्र भाषा का प्रयोग करता नजर आया. बैठक में शहर के विकास के नाम पर जिस तरह का दृश्य नगर पर्षद की बैठक में देखने को मिला, वह किसी भी सदन को शर्मसार करने के लिए काफी है.
गौरतलब है कि गत 22 दिसंबर को नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी व विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुल 14 पार्षदों ने डीएम के समक्ष अपना इस्तीफा सौंपा था. हालांकि इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ. पार्षदों का गुस्सा शुक्रवार की बैठक में भी साफ तौर पर दिखा. बैठक में नगर पर्षद सभापति बजरंग बहादुर सिंह उर्फ मलाई सिंह, उप सभापति सरफराज गद्दी, अमरदेव सिंह, अमजद अली व मदन सिंह सहित अन्य पार्षद मौजूद थे.
