भभुआ नगर : धान के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए जिले में 34 नये गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है. जिले में किसानों से क्रय किये गये धान भंडारण के लिए कृषि रोड मैप के तहत राज्य योजना और समेकित सहकारी परियोजना द्वारा नये गोदाम बनवाये जा रहे हैं.
गौरतलब है कि इस बार कृषि प्रधान कैमूर जिले में धान का बंपर उत्पादन हुआ है.
इसकी वजह से किसान भी अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं. ऐसे में धान की भंडारण क्षमता का सवाल भी सहकारिता विभाग के सामने आ खड़ा हुआ है. अब तक जिले में राज्य योजना के तहत बनाये गये एक सौ मैट्रिक टन का एकमात्र गोदाम चैनपुर प्रखंड में है, जबकि दो सौ मैट्रिक टन के गोदाम भभुआ प्रखंड में आठ, चैनपुर में पांच, चांद में चार रामपुर, कुदरा, नुआंव व दुर्गावती में दो-दो और मोहनिया, रामगढ़ और भगवानपुर प्रखंड में क्रमश: एक-एक हैं. वहीं, पांच सौ मैट्रिक के गोदाम मात्र दो प्रखंडों भभुआ और अधौरा में हैं. इन गोदामों की कुल भंडारण क्षमता 67 सौ मैट्रिक टन बतायी जाती है.
52 गोदाम चल रहे किराये पर
धान के भंडारण के लिए विभाग ने 52 गोदाम किराये पर ले रखा है. जिला सहकारिता पदाधिकारी वकारूज्जमां ने बताया कि गोदामों की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रखंडों में कुल 34 नये गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत 40 से लेकर एक सौ मैट्रिक टन तक विभिन्न भंडारण क्षमता के गोदाम भाड़े पर लिये गये हैं. भाड़े पर लिये गये 52 गोदाम पैक्सों के अधीन कार्य कर रहे हैं, जबकि इस योजना के तहत दो सौ मैट्रिक टन के 24 तथा पांच सौ एमटी के सात नये गोदाम चालू किये जा चुके हैं.
