कार्रवाई प्रतिनियोजित शिक्षकों की सूची अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश, दी चेतावनी
भभुआ नगर : जुगाड़ टेक्नोलॉजी से डेपुटेशन करा अपनी ड्यूटी बजानेवाले गुरुजी पर अब शिक्षा विभाग की नजरें टेढ़ी हो चुकी हैं. जुगाड़ के सहारे अपने मन मुताबिक पोस्टिंग करा कर ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को उनके मूल स्कूल में भेजे जाने के लिए विभाग पूरी तरह कमर कस चुका है. डीपीओ स्थापना देवबिंद कुमार ने सभी बीइओ को निर्देशित किया है कि अपने प्रखंड क्षेत्र में प्रतिनियोजन पर बहाल शिक्षकों की सूची अविलंब सौंपे अन्यथा उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जायेगी. बीमार या अन्य कारणों का हवाला देकर बेवजह दूसरे स्कूल व दफ्तरों में प्रतिनियोजन करानेवाले शिक्षकों की अब दाल नहीं गलनेवाली है. मास्टर साहब प्रतिनियोजन करा अन्य शिक्षण कार्य करेंगे, तो उनके वेतन पर भी रोक लग सकती है.
ऐसे शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं करेगा विभाग
82 शिक्षकों का रद्द किया गया था प्रतिनियोजन
जिले में डीएम के निर्देश पर चलाये जा रहे मिशन जागृति का सकारात्मक असर वर्ष 2016 में दिखा. नये साल में भी इस अभियान के तहत स्कूलों की नियमित जांच होगी. पूर्व में मिशन जागृति अभियान में डेपुटेशन पर ड्यूटी कर रहे 82 शिक्षकों का प्रतिनियोजन रद्द किया जा चुका है. सभी बीइओ को अपने प्रखंड क्षेत्र से शिक्षकों के प्रतिनियोजन संबंधी रिपोर्ट अविलंब देने का निर्देश दिया गया है.
विभागीय फरमान से शिक्षिकाओं को होगी परेशानी
शिक्षकों को सिर्फ अपने मूल स्कूल में ही ड्यूटी देनी है. वे पढ़ाने के अलावा अन्य ड्यूटी करेंगे, तो उनका वेतन भी उसी विभाग के अधिकारी को अपनी जेब से देना होगा. ऐसे शिक्षकों का वेतन भुगतान शिक्षा विभाग नहीं करेगा. इस संबंध में विभागीय प्रधान सचिव के नये फरमान से शिक्षकों के सामने नयी मुसीबत खड़ी हो गयी है. यदि विभागीय अफसर या अन्य अफसरों के फरमान की अनदेखी करेंगे, तो उन पर भी कार्रवाई होनी तय है. विभाग के इस फरमान से महिला शिक्षकों की परेशानी बढ़ गयी है.
