सदर अस्पताल में जैसे-तैसे ही चल रहा है मरीजों का इलाज

भभुआ (सदर) : गुरुवार की शाम अधौरा बस स्टैंड के पास से गुजरे 11 हजार विद्युत प्रवाहित करेंट के तार से एक विक्षिप्त बुरी तरह से झुलस गया. विक्षिप्त 40 वर्षीय प्रभु यादव को इलाज के लिए अधौरा पीएचसी लाया गया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के चलते सदर अस्पताल के लिए रेफर कर […]

भभुआ (सदर) : गुरुवार की शाम अधौरा बस स्टैंड के पास से गुजरे 11 हजार विद्युत प्रवाहित करेंट के तार से एक विक्षिप्त बुरी तरह से झुलस गया. विक्षिप्त 40 वर्षीय प्रभु यादव को इलाज के लिए अधौरा पीएचसी लाया गया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के चलते सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. गुरुवार की रात नौ बजे सदर अस्पताल पहुंचे विक्षिप्त की परेशानी सदर अस्पताल में कम होने के बजाय और बढ़ गयी. गंभीर रूप से झुलसे विक्षिप्त को इमरजेंसी में डॉक्टर व कर्मी द्वारा मात्र सिर फटे होने के चलते टांका देकर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि विक्षिप्त के जल चुके दोनों हाथों व शरीर में आये अन्य जख्मों की साफ-सफाई नहीं की गयी.
न ही उन घावों पर मरहम ही लगाया गया. बिना उचित इलाज के रात भर विक्षिप्त भरती वार्ड के बेड पर जख्मों के कारण चिल्लाता रहा.
विक्षिप्त के साथ आये उसके साले शिव नारायण यादव ने बताया कि बभनी गांव के रहने वाले उसके जीजा अधौरा ससुराल आये हुए थे. गुरुवार की शाम छह बजे 11 हजार के तार को पकड़ लिया. उनका कहना था कि रात से वह लोग अस्पताल में आये हुए हैं. पानी और सूई तो नर्सों द्वारा लगाया गया, लेकिन झुलस गये शरीर की सफाई नहीं की गयी. शुक्रवार की सुबह विक्षिप्त पर कुछ लोगों को तरस आयी, तो इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधक को दी गयी, तो उसकी मरहम-पट्टी हुई.

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