सदर अस्पताल से मेडिकल वेस्ट बडे पैमाने पर निकलता है, लेकिन इसके निष्पादन की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है. ऐसे में कचरे को अस्पताल परिसर में ही फेंक दिया जाता है. जब यह काफी मात्रा मे एकत्रित हो जाता है, तब इसे परिसर मे हीं जला कर दिया जाता है. लेकिन कचरे से उठते धुएं और दुर्गंध से सदर अस्पताल आने वाले मरीजों व अस्पताल के कर्मियों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पडता है.
भभुआ (सदर) : लोगों की सेहत सुधारने वाला सदर अस्पताल आज खुद दुर्गंध व धुएं से लोगों को बीमार करने पर तुला है. सदर अस्पताल से बड़े पैमाने पर प्रतिदिन निकले मेडिकल वेस्ट को अस्पताल परिसर में फेंक दिया जा रहा है, जब कचरा काफी मात्रा में एकत्रित हो जाता है, उसे जला कर निष्पादित किया जाता है.
यहां तक सदर अस्पताल के भीतरी तल में छोडे गये लिफ्ट के खाली जगह पर भी फेके गये मेडिकल वेस्ट को जला दिया जाता है. प्रतिदिन सदर अस्पताल से कभी कम तो कभी अधिक मात्रा मे कचरा औसतन हर दिन निकलता है. लेकिन, इस कचरे के निस्तारन के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है. कर्मियों द्वारा इसे खुले मे ही फेंक दिया जाता है और अधिक मात्रा होने पर इसे फेके हुए स्थान पर ही जला दिया जाता है.
