Pension Life Certificate Alert : भाभुआ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े हजारों लाभुकों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 23,146 पेंशनधारियों ने अपना जीवन प्रमाणन नहीं कराया है. प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि यदि समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संबंधित लाभुकों की पेंशन भुगतान पर असर पड़ सकता है.
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जीवन प्रमाणन पेंशनधारियों के लिए एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाभ सही व्यक्ति तक ही पहुंच रहा है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब तक इस जरूरी काम को पूरा नहीं कर सके हैं.
Kaimur Pensioners : कई योजनाओं के लाभुक शामिल
जानकारी के मुताबिक, जिन लाभुकों ने अभी तक जीवन प्रमाणन नहीं कराया है, उनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं से जुड़े लोग शामिल हैं. विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव में कई लोग इस प्रक्रिया से दूर रह गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रखंडों में इसको लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित परिणाम अभी तक नहीं मिल पाया है. ऐसे में अब प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोगों से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है.
Pension update : ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध
जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जीवन प्रमाणन कराने के लिए लाभुकों को कई विकल्प दिए गए हैं. वे अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र, आधार सेवा केंद्र या संबंधित कार्यालय में जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी प्रमाणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
आधार आधारित सत्यापन के जरिए यह प्रक्रिया आसान बनाई गई है, ताकि बुजुर्गों और जरूरतमंदों को ज्यादा परेशानी न हो. फिर भी कई लोग अब तक इससे वंचित हैं, जो चिंता का विषय बना हुआ है.
समय पर नहीं कराया तो रुक सकता है भुगतान
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर जीवन प्रमाणन नहीं कराया गया, तो पेंशन की राशि रोकी जा सकती है. इसलिए सभी लाभुकों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें.
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जो लोग बीमार या असहाय हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की जा सकती है. इसके लिए स्थानीय स्तर पर संबंधित कर्मियों से संपर्क किया जा सकता है.
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा चुनौती
खासकर ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है. वहां कई पेंशनधारियों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी नहीं है. ऐसे में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी सहयोग मांगा गया है, ताकि हर जरूरतमंद तक जानकारी पहुंच सके.
