उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसूलपुर कर्महरि में न भवन, न जमीन, आठवीं की पढ़ाई बंद कमरे नहीं, लेकिन 18 शिक्षकों की तैनाती, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल मोहनिया शहर. सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लगातार दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है. मोहनिया नगर पंचायत के वार्ड दो स्थित दलित बस्ती में अवस्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसूलपुर कर्महरि की स्थिति आज भी बदहाल बनी है. हालात ऐसे हैं कि 213 नामांकित छात्र, 18 शिक्षक और महज दो कमरों में पढ़ाई, यह किसी व्यवस्था की विडंबना से कम नहीं. मालूम हो कि मोहनिया शहर के वार्ड दो स्थित रसूलपुर कर्महरि में मध्य विद्यालय स्थित है. यह वार्ड महादलित वार्ड है, लेकिन यहां भवन व भूमि दोनों का घोर अभाव कई वर्षो से है, जिसे देखने वाला शायद कोई नहीं है. बता दें कि विद्यालय में कुल तीन कमरे बने हैं, जिनमें से एक कमरे में कार्यालय संचालित होता है. जबकि, शेष दो कमरों और बरामदे में कक्षा एक से सात तक के छात्र-छात्राएं किसी तरह पढ़ाई करने को मजबूर हैं. कमरों की कमी के कारण आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी तरह बंद है, जबकि विद्यालय को मध्य विद्यालय का दर्जा प्राप्त है. जबकि, विद्यालय के चारों ओर अतिक्रमण फैला हुआ है. विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता भी जर्जर है, जिससे बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद आज तक इस ओर न तो प्रशासन और न ही शिक्षा विभाग ने कोई ठोस पहल की है. # कहने कोे मध्य विद्यालय, पर पढ़ाई सिर्फ सातवीं तक एक ओर सरकार प्राथमिक विद्यालयों को अपग्रेड कर आठवीं कक्षा तक पढ़ाई सुनिश्चित करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर रसूलपुर कर्महरि विद्यालय में कमरों के अभाव में आठवीं कक्षा का संचालन ही नहीं हो पा रहा है. यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती नजर आ है. जहां शिक्षा के बढ़ावा देने के लिए सरकार लाख प्रयास कर रही है, लेकिन आज तक दलित बस्ती में स्थित रसूलपुर विद्यालय में पर्याप्त वर्ग कक्ष की व्यवस्था भी नहीं की जा सकी है. बच्चों के लिए वर्ग कक्ष नहीं, शिक्षकों का जमावड़ा मोहनिया स्थित भभुआ रोड के समीप स्थित रसूलपुर कर्महरि मध्य विद्यालय में भले ही बच्चों के बैठने व पठन पाठन के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों का जमावड़ा है. यहां विद्यालय में केवल तीन कमरे हैं, लेकिन करीब डेढ़ दर्जन शिक्षक यहां तैनात हैं. यह शिक्षा विभाग की मेहरबानी है. विद्यालय में करीब 18 शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें 9 शिक्षक और 9 शिक्षिकाएं शामिल हैं. इतने अधिक शिक्षकों की तैनाती के बावजूद कक्षा के अभाव में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. भभुआ रोड स्टेशन के समीप स्थित होने के कारण विद्यालय में पैरवी पर नियुक्ति पाये शिक्षकों का जमावड़ा लगा है, जहां बुनियादी ढांचे की कमी ने बच्चों की पढ़ाई मजाक बनाकर रह गयी है, जहां कभी आधे से अधिक शिक्षक शिक्षिकाओं को गप्पे हांकते या आराम फरमाते देखा जा सकता है. # विभाग से लेकर अधिकारी तक की गयी शिकायत रसूलपुर कर्महरि मध्य विद्यालय में भूमि व भवन के अभाव को लेकर कई बार वार्डवासी विभाग व स्थानीय प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं. इस संबंध में वार्ड निवासी रामावतार राम ने बताया कि विद्यालय में करीब 213 बच्चे नामांकित हैं, जहां बच्चों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है. विद्यालय आठवीं कक्षा तक है, लेकिन कमरों की कमी के कारण केवल सातवीं तक ही पढ़ाई होती है. कुल तीन ही कमरे हैं, जिसमें भी एक कमरा कार्यालय में चला जाता है और बाकी बचे दो कमरों व बरामदे में किसी तरह बच्चे पढ़ते हैं. इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गयी है, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक कुछ नहीं किया गया है. # क्या कहते हैं प्रभारी बीइओ इस संबंध में मोहनिया के प्रभारी बीइओ अरविंद कुमार ने बताया भवन के कमी की जानकारी विभाग को दी गयी है. भवन की कमी को लेकर पीएम श्री विद्यालय प्रोजेक्ट शांति से टैग किया गया है. जो भी समस्या है उसे दुरूस्त करने के लिए पहल की जा रही है.
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