मानव बल की भारी कमी से जूझ रहे हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर चांद. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत निचले स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. इसको लेकर आधारभूत संरचना में विस्तार भी किया गया है, लेकिन अभी भी मानव बल की भारी कमी बनी हुई है. बहुत कम संख्या में एएनएम, जीएनएम व सीएचओ ग्रामीण इलाकों में तैनात हैं. जो तैनात हैं, वे भी कई केंद्रों के प्रभार में हैं. इस कारण किसी तरह से काम तो हो रहा है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर लोगों को सही रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. चांद प्रखंड में यह स्थिति स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है. प्रखंड में कुल 17 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर हैं, लेकिन मात्र पांच सीएचओ के सहारे ये केंद्र संचालित हो रहे हैं. प्रखंड के ईचाव, हमीरपुर, बिऊरी, गोई, कुडड़ी, चंदोस, चंदा, बड़हरिया, अईलाय, दुलही, अमाव, सिरहिरा, शिवरामपुर सहित कुल 17 उप स्वास्थ्य केंद्रों को सरकार द्वारा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में परिवर्तित किया गया है. भवन भी बनाये गये हैं, लेकिन एक सीएचओ को कई हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का प्रभार दिया गया है. यही स्थिति एएनएम व जीएनएम की भी है. मानव बल की कमी के चलते ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर ढंग से नहीं मिल पा रही हैं. मजबूरी में लोग निजी अस्पतालों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने बताया कि प्रखंड में कुल 17 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर हैं, लेकिन सीएचओ केवल पांच ही कार्यरत हैं. इन्हीं के प्रभार में कई वेलनेस सेंटर संचालित हो रहे हैं. मानव बल की उपलब्धता को लेकर बार-बार जिला कार्यालय के साथ बैठक व पत्राचार किया गया है, लेकिन अभी भी एएनएम, जीएनएम व सीएचओ की काफी कमी बनी हुई है.
चांद में पांच सीएचओ के सहारे 17 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत निचले स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है.
