रामपुर : प्रखंड परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय जर्जर भवन में संचालित हो रहा है. जिससे कर्मचारियों में दहशत का माहौल है. अप्रिय घटना हो सकती है. इस तरह रामपुर प्रखंड और भगवानपुर प्रखंड के कुल 272 गांवों के मौजा के कागजात सुरक्षित नहीं है. कर्मचारियों ने कई बार मौखिक व लिखित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है.
जर्जर भवन में चल रहा है चकबंदी कार्यालय
रामपुर : प्रखंड परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय जर्जर भवन में संचालित हो रहा है. जिससे कर्मचारियों में दहशत का माहौल है. अप्रिय घटना हो सकती है. इस तरह रामपुर प्रखंड और भगवानपुर प्रखंड के कुल 272 गांवों के मौजा के कागजात सुरक्षित नहीं है. कर्मचारियों ने कई बार मौखिक व लिखित अधिकारियों को इसकी जानकारी […]

गौरतलब है कि भगवानपुर से रामपुर प्रखंड और भगवानपुर प्रखंड का संयुक्त चकबंदी कार्यालय प्रखंड मुख्यालय के पीछे बने इस भवन में शिफ्ट किया जाता है. तब से लेकर आज तक इस भवन का न तो रंगरोगन कराया गया. न ही इस भवन से छोड़ कर गिर रहे प्लास्टर का मरम्मत कराया गया.
भवन के चारों तरफ के प्लास्टर के साथ-साथ पटिया से पाटे प्लास्टर झड़ कर नीचे गिर रहे हैं. इसी भवन में ही चकबंदी विभाग के सभी कागजात रखे हैं. बावजूद इसके इसी जर्जर भवन के छत के नीचे सभी कर्मी बैठते है. यहां तक कि छत का प्लास्टर ढहने से कई बार कर्मी घायल भी हो चुके है.
जिससे बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है. इस भवन को भवन विभाग ने वर्ष 1990 में बनवाया गया है. लेकिन, आज तक इस भवन का मरम्मत तक नहीं किया गया है. अमीन बीके कुमार ने बताया कि इस भवन में रामपुर प्रखंड व भगवानपुर प्रखंड के कुल 272 मौज का कागजात है. जिसमें रामपुर प्रखंड के 74 व भगवानपुर प्रखंड के 78 मौजा का कागजात है.
बोले चकबंदी पदाधिकारी
इस संबंध में चकबंदी पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार जो चैनपुर में नियुक्त है लेकिन रामपुर के प्रभार में है उनके मोबाइल पर संपर्क करने पर नहीं हो पाया.
बोले प्रधान लिपिक
प्रधान लिपिक विनय कुमार ने बताया कि जर्जर भवन की सूचना उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है. साथ ही पंचायत समिति की बैठक में भी इसकी चर्चा की गयी है.