भभुआ सदर : वर्ष 2019-20 में ग्रीन सिटी के नाम से मशहूर भभुआ शहर के विकास के लिए नगर सभापति उर्मिला देवी ने नप की बैठक में 53.90 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसे सभी पार्षदों ने सर्वसम्मत व ध्वनिमत से वित्तीय बजट की मंजूरी दे दी.
गुरुवार को नगर पर्षद के सभागार में बैठक आयोजित कर सर्वप्रथम पेश किये जा रहे बजट पर चर्चा हुई. इसके बाद सिटी मिशन मैनेजर इसराफिल अंसारी के निर्देश पर प्रधान लिपिक सुकुमार बनर्जी ने बजट की रूपरेखा रखी और वित्तीय वर्ष 2019-20 के अनुमानित बजट के अलावा पिछले वर्ष के आय व्यय की सिलसिलेवार जानकारी दी.
बजट पेश करने के दौरान नप सभापति ने कहा कि इस बार के बजट में गरीबों के उत्थान खास कर उनका सर्वागीण विकास पर बल दिया गया है, तो वहीं बजटीय बैठक में शहर के सर्वांगीण विकास की भी चर्चा की गयी है.
प्रस्ताव है कि नये बजट से शहर को एक बेहतर लुक दिया जा सके. गरीबों के उत्थान के साथ-साथ सड़क, गली, नाले को जहां ठीक कराया जायेगा. वहीं, कई वार्डों में जलजमाव से निजात के लिए, तो कुछ क्षेत्रों में नये और मुख्य नाले का निर्माण भी कराया जायेगा.
इसके अलावा शहर में पार्कों, सड़कों, साफ सफाई सहित महापुरुषों के प्रतिमा स्थलों को आकर्षित बनाया जायेगा. कुल बजट का 25 फीसदी हिस्सा गरीबों के विकास पर खर्च किया जायेगा. प्रयास है कि शहर मॉडल का रूप ले सके.
इधर, गुरुवार को हुई बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने सभी वार्डों में एक समान विकास कार्य कराये जाने की बात कही. उनका कहना था कि नगर पर्षद द्वारा नयी बनायी जाने वाली शहरी योजनाओं में उनके वार्डो में ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसके कारण उनके वार्ड में अपेक्षित विकास नजर नहीं आ रहा है. नये वित्तीय वर्ष में आय और व्यय के पेश बजट के दौरान उप मुख्य सभापति नाहिदा परवीन सहित सभी वार्ड पार्षद थे.
