भभुआ सदर : नगर पर्षद भभुआ में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे अंदरखाने की सरगर्मी का अंततः पटाक्षेप हो गया. सोमवार को भभुआ नगर पर्षद के वर्तमान नगर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ तख्तापलट की तैयारी करते हुए उनके खिलाफ मनमानी, विकास योजनाओं में शिथिलता, गबन आदि जैसे आरोप लगाते हुए अविश्वास पत्र डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी और नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव को सौंप दिये गये.
नगर पर्षद में तख्तापलट की तैयारी, डीएम और ईओ को सौंपा पार्षदों ने अविश्वास पत्र
भभुआ सदर : नगर पर्षद भभुआ में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे अंदरखाने की सरगर्मी का अंततः पटाक्षेप हो गया. सोमवार को भभुआ नगर पर्षद के वर्तमान नगर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ तख्तापलट की तैयारी करते हुए उनके खिलाफ मनमानी, विकास योजनाओं में शिथिलता, गबन […]

डीएम और ईओ को सौंपे गये अविश्वास प्रस्ताव वाले पत्र में शहर के 18 वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर हैं. हालांकि, सोमवार को पार्षदों के हस्ताक्षर युक्त अविश्वास पत्र सौंपने के दौरान डीएम और ईओ अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद नहीं थे. उनके बिना पर उनके मातहत कर्मियों ने वार्ड संख्या 21 की महिला वार्ड पार्षद उर्मिला देवी के नेतृत्व में पार्षदों द्वारा सौंपे गये अविश्वास पत्र को स्वीकार किया गया.
नप ईओ को वर्तमान अध्यक्ष जैनेंद्र आर्य और उपाध्यक्ष नाहिदा परवीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र देकर लौट रही पार्षद उर्मिला देवी, वार्ड पांच की पार्षद प्रतिनिधि मदन सिंह, वार्ड संख्या सात के पार्षद मनोज कुमार सिंह, बलदाऊ सिंह आदि ने बताया कि वर्तमान अध्यक्ष ने पार्षदों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपना रखा था और पार्षदों से अध्यक्ष द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता था.
इसके अलावे पिछले ढाई साल में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा शहरी विकास योजनाओं में शिथिलता बरती जा रही है और विभागीय योजनाओं को पूरा करवाने में उनके द्वारा सरकारी राशि का दुरुपयोग और गबन किया जा रहा है. इसलिए जनहित और शहर के बिगड़ते भविष्य को देखते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास पत्र अधिकारियों को सौंपा गया है और उनलोगों के द्वारा नप अध्यक्ष से यह मांग की गयी है कि प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष के लिये जल्द ही एक विशेष बैठक बुलाया जाये. ताकि, अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी हो सके.