आजादी के सात दशक बाद भी नाली से ही होकर गुजरते हैं लोग
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से बार बार गुहार लगाने के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली
मोहनिया सदर : आजादी के सात दशक बाद भी विकास की पहुंच से कोसों दूर पंचायत मुख्यालय अकोढ़ीमेला अब भी अपनी उपेक्षा पर आंसू बहा रहा है. स्थिति यह है कि इस गांव की गलियों में नाली का गंदा पानी इस तरह बहता है कि पता ही नहीं चलता है कि यह गांव का रास्ता है या गंदा नाला.
फिर भी लोग उसी गंदे रास्ते से होकर दिन-रात गुजरने को विवश हैं. इसमें सबसे बुरा हाल है, इस गांव के वार्ड दो का, जहां अब तक विकास की एक किरण भी धरातल पर नहीं पहुंच सकी है. रास्तों पर पसरा नाली का बजबजाता गंदा पानी यहां के युवकों की शादी में भी बाधक बनने लगा है.
इस 21वीं सदी में भी विकास से कोसों दूर इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करना नहीं चाहता है. स्थिति यह है कि कुछ लोग अपने बेटों की शादी रिश्तेदारों के घर रह कर तय करते हैं. लेकिन, जब शादी कर दुल्हन अपने ससुराल आती है और उसको सुबह शाम घुटना तक साड़ी उठा कर इन बजबजाती नालियों से होकर गुजरना पड़ता है, तो वह भी अपने भाग्य को कोसने लगती है.
इतना ही नहीं लड़की की शादी के बाद जब उसके मायके के लोग चौथी पर आते हैं, तो वह भी गांव के गलियों की यह दशा देख अपनी बेटी को इस गांव में विवाह करने पर अफसोस जताते हैं. ऐसे समय में दुल्हन का युवा भाई तो इस कदर आग बबूला होता है कि मानों वह सारा रिश्ता ही एक पल में तोड़ देगा और अपनी बहन को लेकर यहां से हमेशा के लिए चला जायेगा. वाह रे इस गांव की दुर्दशा जिसे देख हर कोई दंग रह जाता है.
आजादी से लेकर अब तक कई मुखिया, बीडीसी व वार्ड सदस्य बने. लेकिन, किसी ने इस बदहाल गांव में नाली निर्माण कराने की पहल नहीं की. इतना ही नहीं वार्ड सदस्य विमला देवी ने इस समस्या को लेकर अपने लेटर पैड पर बीडीओ को लिखित आवेदन दिया. लेकिन, किसी ने इस वार्ड के विकास के प्रति सोचा तक नहीं.
