दहेज से खुशहाल जिंदगी में पड़ती हैं दरारें, रिश्ते होते हैं तार-तार

सामाजिक चेतना से आयेगा बदलाव, चलेगा जागरूकता अभियान भभुआ नगर : दो अक्तूबर गांधी जयंती के पावन अवसर पर राज्यव्यापी अभियान के तहत दहेज प्रथा व बाल विवाह उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है. शराबबंदी के बाद राज्य सरकार ने फिर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरण अभियान […]

सामाजिक चेतना से आयेगा बदलाव, चलेगा जागरूकता अभियान
भभुआ नगर : दो अक्तूबर गांधी जयंती के पावन अवसर पर राज्यव्यापी अभियान के तहत दहेज प्रथा व बाल विवाह उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है. शराबबंदी के बाद राज्य सरकार ने फिर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है.
लोगों का कहना है कि दहेज का लालच ऐसा है कि यह सिर्फ दूरिया ही नहीं, बल्कि रिश्तों में दरार डाल देती है. इसी दरार के कारण कई घरों के रिश्ते आज तार-तार हो रहे हैं. इस प्रथा को बंद किया जाना चाहिए. इसको लेकर बेटियों को ही नहीं, बल्कि समाज के सभी अभिभावकों को जागरूक होना होगा.
वहीं, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों को पहल करनी होगी, तभी इसे समाप्त करना संभव है. आज दहेज की वजह से आये दिन महिलाओं को कई तरह की प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है.
दहेजबंदी व बाल विवाह उन्मूलन कार्यक्रम को शहर के लोगों ने सरकार का सराहनीय कदम बताते हुए इसकी खुले दिल से प्रशंसा की. साथ ही लोगों से सहयोग की अपील की है़

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